लखनऊ, 4 फरवरी। एस आर दारापूरी ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच में जो व्यापारिक संधि हुई है, उसने पूरे देश में एक बड़ा भ्रम पैदा कर दिया है। देश की लोकतांत्रिक ताकतों द्वारा यह कहा जा रहा है कि भारत ने कृषि और डेयरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल दिया है।
उन्होंने कहा अमेरिका से खाद्यान्न और डेयरी उत्पाद बड़े पैमाने पर आयात किए जायेंगे। अमेरिकी कृषि मंत्री के द्वारा भी इस आशय का वक्तव्य दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा यह कहना कि भारत अब रूस जैसे मित्र देशों से तेल नहीं खरीदेगा भी भारत के लिए नुकसानदेह है।
एआईपीएफ की राष्ट्रीय कार्य समिति ने कहा है कि यदि ऐसा हुआ है तो यह भारत के आम नागरिकों, मजदूरों, किसानों हितों के साथ देश की आर्थिक सम्प्रभुता के लिए भी बड़ा संकट पैदा करेगा।
एआईपीएफ ने कहा कि इस समझौते में भारतीय समानों पर टैरिफ लगाने की बात आ रही है। यह विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय नियमों के विरुद्ध है। इससे भारत के टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल आदि क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।ऐसे में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट देश के उन सभी राजनीतिक दलों, संगठनों के साथ है जो इस व्यापारिक समझौते को संसद के पटल पर रखने की मांग उठा रहे हैं।
Author: Chautha Prahari
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