लखनऊ,22 फरवरी।उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला रहा है। मिशन के तहत प्रदेश में करीब 1 करोड़ 5 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने योजनाओं को ग्राम स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाया है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
गांव-गांव ‘लखपति दीदी’ की सफलता
मिशन के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक लगभग 18.5 लाख महिलाओं का पंजीकरण इस अभियान के तहत किया जा चुका है। उद्देश्य यह है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थायी आय के स्रोतों से जोड़ा जाए और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
सरकार महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। परिणामस्वरूप, ग्रामीण महिलाएं छोटे उद्योग, पशुपालन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
बीसी सखी मॉडल: ग्रामीण बैंकिंग की नई पहचान
‘एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी’ योजना के तहत प्रदेश की 57,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
करीब 40 हजार महिलाओं ने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर ग्रामीण बैंकिंग को घर-घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को बैंकिंग सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं।
बहुआयामी भूमिकाओं में महिलाएं
आजीविका मिशन के तहत महिलाएं विभिन्न जिम्मेदारियों में सक्रिय हैं:
ड्रोन दीदी – कृषि कार्यों में ड्रोन संचालन
बीसी सखी – घर-घर बैंकिंग सेवाएं
सूर्य सखी – सौर ऊर्जा उपकरण स्थापना
विद्युत सखी – मीटर रीडिंग व बिजली बिल संग्रह
कृषि आजीविका सखी – कृषि विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण
स्वास्थ्य सखी – स्वास्थ्य व पोषण जागरूकता
सूक्ष्म उद्यम सखी – छोटे व्यवसायों की स्थापना में सहयोग
पशु सखी – पशुपालन सेवाएं
बीमा सखी – ग्रामीण बीमा सेवाएं
छोटे कारोबार को मिल रही मजबूती
मिशन के तहत महिलाओं को आसान और चरणबद्ध वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे छोटे स्तर पर कारोबार शुरू कर परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
Author: Chautha Prahari
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