सिंगापुर/लखनऊ, 23 दिसंबरचौथा प्रहरी डेस्क।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Yogi Adityanath ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान विश्व की प्रमुख संप्रभु निवेश संस्था GIC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिम चो किआट के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने राज्य की नीतिगत स्थिरता, सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और 25 करोड़ से अधिक की विशाल उपभोक्ता आबादी को निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और सरकार निवेशकों को पारदर्शी, सुरक्षित एवं प्रोत्साहनयुक्त वातावरण उपलब्ध करा रही है।
किन क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा?
बैठक में निम्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ:
औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग अवसंरचना
अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं
डेटा सेंटर एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
इंटीग्रेटेड टाउनशिप एवं वाणिज्यिक रियल एस्टेट
एमएसएमई आधारित फिनटेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म
भविष्य उन्मुख उद्योगों के लिए स्किल डेवलपमेंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को “फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रियल हब” बनाने के लिए एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, डिफेंस कॉरिडोर और डेटा सेंटर पार्क तेजी से विकसित किए जा रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
GIC विश्व की अग्रणी दीर्घकालिक निवेश संस्थाओं में शामिल है और भारत में पहले से अवसंरचना, रियल एस्टेट और डिजिटल क्षेत्रों में निवेश कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री और जीआईसी के बीच हुई यह वार्ता उत्तर प्रदेश में वैश्विक पूंजी निवेश को नई गति दे सकती है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार समानांतर रूप से यूरोप में भी निवेश आकर्षित करने के प्रयास कर रही है।
Author: Chautha Prahari
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





