अयोध्या, संवाददाता।चौथा प्रहरी
धार्मिक नगरी अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का बड़ा उदाहरण बनती जा रही है। जिले में विभिन्न चरणों में रिंग रोड और बाहरी परिधीय सड़कों का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और बाहरी जिलों से सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना
अयोध्या के चारों ओर प्रस्तावित लगभग 67 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड का निर्माण चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। यह मार्ग शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट करेगा, जिससे मुख्य शहर में जाम की समस्या कम होगी।
इस परियोजना में कई फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज भी प्रस्तावित हैं, जिससे लखनऊ, गोंडा, बस्ती और वाराणसी मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा बाईपास मिल सकेगा।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रगति
जिले के कई गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर मुआवजा वितरण का कार्य जारी है। प्रशासन का दावा है कि निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश और तकनीकी कारणों से कुछ हिस्सों में कार्य की गति प्रभावित हुई, लेकिन संबंधित विभागों ने कार्य में तेजी लाने की बात कही है।
सहायक कनेक्टिविटी परियोजनाएँ
रिंग रोड के साथ-साथ अयोध्या को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़क परियोजनाएँ भी प्रगति पर हैं:
अयोध्या-गोंडा मार्ग का चौड़ीकरण
अयोध्या-लखनऊ हाईवे सुदृढ़ीकरण
बस्ती सीमा तक विस्तारित परिधीय संपर्क मार्ग
नगर क्षेत्र के भीतर आंतरिक लिंक रोड का निर्माण
इन परियोजनाओं से तीर्थ यात्रियों, स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विकास और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि रिंग रोड बनने के बाद:
✔️ शहर के भीतर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी
✔️ पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा
✔️ स्थानीय व्यापार और भूमि मूल्य में वृद्धि होगी
✔️ नए औद्योगिक और वाणिज्यिक निवेश की संभावनाएँ बढ़ेंगी
प्रशासन का पक्ष
जिला प्रशासन का कहना है कि सभी परियोजनाएँ तय मानकों के अनुसार विकसित की जा रही हैं। सुरक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि अयोध्या का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
निष्कर्ष
अयोध्या में रिंग रोड और उससे जुड़ी सड़क परियोजनाएँ केवल यातायात सुधार की योजना नहीं, बल्कि जिले के व्यापक आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बन रही हैं। आने वाले समय में यह परियोजनाएँ रामनगरी की पहचान को और सशक्त करेंगी।
Author: Chautha Prahari
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