अयोध्या। जनपद के दर्शन नगर स्थित सूरजकुंड चौराहे पर एक बार फिर अव्यवस्था का नंगा नाच देखने को मिला। चारों दिशाओं से अनियंत्रित तरीके से घुसते वाहनों ने पूरे चौराहे को जाम के दलदल में धकेल दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को घंटों फंसे रहना पड़ा।
सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। न कोई ट्रैफिक सिग्नल की निगरानी, न बैरिकेडिंग, न दिशा-निर्देशन—मानो पूरा चौराहा प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ चुका हो।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि सूरजकुंड चौराहा अब जाम का स्थायी केंद्र बन चुका है। सुबह और शाम के समय स्थिति भयावह हो जाती है। ई-रिक्शा, टेंपो, ट्रैक्टर और भारी वाहन बिना किसी नियंत्रण के एक साथ चौराहे पर आ जाते हैं, जिससे अराजक स्थिति पैदा होती है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार?
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि आखिर कब तक दर्शन नगर की जनता इस अव्यवस्था का बोझ उठाती रहेगी? क्या प्रशासन किसी गंभीर दुर्घटना के बाद ही जागेगा? क्या यहां स्थायी यातायात पुलिस तैनाती और सख्त ट्रैफिक प्लान लागू होगा?
अयोध्या जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जनपद में यदि मुख्य चौराहों की यह स्थिति है, तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
चौथा प्रहरी प्रशासन से जवाब मांगता है और इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।
Author: Chautha Prahari
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