यूपी की योगी सरकार की पहल से बदली तस्वीर
एक करोड़ छह लाख ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर, 826 ब्लॉकों तक फैला मिशन आजीविका
लखनऊ,27 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल अब व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013–14 से 2016–17 के बीच जहां यह योजना केवल 104 विकास खंडों तक सीमित थी, वहीं वर्तमान में यह 75 जिलों के 826 विकास खंडों तक विस्तार पा चुकी है। यानी मिशन का दायरा आठ गुना तक बढ़ा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बन रहीं महिलाएं
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत प्रदेश में एक करोड़ छह लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, सौंदर्य उत्पाद और ऑर्गेनिक खेती जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण पाकर महिलाएं अब न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं।
हर ग्राम पंचायत में उद्यमी नेटवर्क की तैयारी
सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिला उद्यमियों का सशक्त नेटवर्क विकसित करना है। स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सहयोग, विपणन सुविधा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीण आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अब महिलाएं केवल रोजगार की तलाश करने वाली नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाली भूमिका में नजर आ रही हैं।
ई-कॉमर्स से बाजार तक सीधी पहुंच
प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े महिला समूह अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
सरकार इसे “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में अहम कदम मान रही है।
Author: Chautha Prahari
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