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UP News: IIT इंजीनियरों की पहल, यूपी की 300 गोशालाओं में लगेंगे बायोगैस प्लांट, गोबर-गोमूत्र से बनेगी ऊर्जा

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गो सेवा आयोग के अध्यक्ष के साथ आईटी खड़गपुर की बैठक

दो करोड़ का पैकेज छोड़ IIT खड़गपुर के इंजीनियर यशराज गुप्ता ने चुना गोसंरक्षण का मिशन

लखनऊ, 07 मार्च।उत्तर प्रदेश में गोसंरक्षण को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन प्लांटों के जरिए गोबर और गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार गोसंरक्षण को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार से जोड़ने की पहल की जा रही है। इस योजना में आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष के साथ आईटी खड़गपुर की बैठक
गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के साथ आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र यशराज गुप्ता और उनकी टीम।

इस परियोजना की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर से पढ़े इंजीनियर यशराज गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का लगभग दो करोड़ रुपये सालाना पैकेज छोड़कर गोसंरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े इस मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और सतत विकास दोनों से जुड़ी है। यदि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।
बताया जा रहा है कि इस परियोजना की शुरुआत जालौन जिले से की जाएगी। शुरुआती चरण में यहां की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। प्रयोग सफल होने के बाद इस मॉडल को प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में लागू करने की योजना है।
इसके साथ ही ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ यानी गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी से बनने वाले उत्पादों के औद्योगिक उपयोग पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गोसेवा आयोग और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मिलकर ऐसे उत्पाद विकसित करेगी जिनकी बाजार में अच्छी मांग हो सकती है।
गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण को केवल सेवा या परंपरा तक सीमित न रखकर उसे आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी मजबूत बनाया जाए। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

 

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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