गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब समेत कई बड़ी परियोजनाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
लखनऊ, 10 मार्च।उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया को तत्काल गति दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का विस्तार प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई दिशा देगा।

मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। इस दौरान उन्होंने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए और जमीन क्रय की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
गंगा एक्सप्रेस-वे को जल्द संचालन के लिए तैयार करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का मुख्य कैरिजवे निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर एक्सप्रेस-वे को जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए।
इसके साथ ही मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के प्रस्ताव पर भी कार्य जारी है।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एयरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंचाई और ऊर्जा परियोजनाओं पर भी जोर
बैठक में सिंचाई क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसमें मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) और एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत संयंत्रों के पर्यावरणीय उन्नयन और झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की भी समीक्षा की गई।
पर्यटन और शहरी विकास परियोजनाओं को भी मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में वृंदावन योजना के तहत प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर तथा कुकरेल नाइट सफारी परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में पर्यटन और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
जून तक बीडा के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जून तक यह कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर अतिरिक्त मैनपावर लगाकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
विकास परियोजनाओं में देरी स्वीकार नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की विकास परियोजनाएं केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव का आधार हैं।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जाए।
Author: Chautha Prahari
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