दंड ब्याज पूरी तरह माफ, साधारण ब्याज के साथ बकाया जमा करने का मौका; लाखों लोगों को मिल सकती है राहत
लखनऊ, 10 मार्च। योगी सरकार ने विकास प्राधिकरणों और आवासीय संस्थाओं की लंबित बकाया राशि की वसूली के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026) को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के लागू होने से लंबे समय से बकाया चल रहे मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ होगा और डिफॉल्टर आवंटियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों, आवास एवं विकास परिषद तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों में हजारों ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें आवंटियों ने संपत्ति का भुगतान समय पर नहीं किया है। ऐसे मामलों में ब्याज और दंड ब्याज बढ़ने के कारण बकाया राशि काफी अधिक हो गई है।
18 हजार से ज्यादा डिफॉल्टर, 13 हजार करोड़ से अधिक बकाया
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी गई कि विकास प्राधिकरणों और संबंधित संस्थाओं में संपत्तियों से जुड़े 18,982 डिफॉल्टर प्रकरण लंबित हैं। इन मामलों में लगभग 11,848.21 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।
इसके अलावा मानचित्र स्वीकृति (मैप अप्रूवल) से जुड़े 545 डिफॉल्टर मामलों में करीब 1,482.10 करोड़ रुपये की धनराशि लंबित है।
सरकार का मानना है कि OTS योजना लागू होने से इन बकाया रकम की बड़ी हिस्सेदारी वापस प्राप्त हो सकेगी।
किन संपत्तियों पर लागू होगी योजना
सरकार की इस एकमुश्त समाधान योजना के तहत विभिन्न प्रकार की संपत्तियों को शामिल किया गया है। इनमें—
आवासीय संपत्तियां
व्यावसायिक संपत्तियां
नीलामी के माध्यम से आवंटित प्लॉट
विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित अन्य संपत्तियां
इसके अलावा सरकारी संस्थानों, स्कूलों, चैरिटेबल संस्थाओं और अन्य संगठनों को आवंटित संपत्तियां भी इस योजना के दायरे में लाई गई हैं। मानचित्र स्वीकृति से जुड़े डिफॉल्टर मामलों को भी योजना में शामिल किया गया है।
दंड ब्याज पूरी तरह माफ
इस योजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि डिफॉल्टरों से दंड ब्याज (पेनल्टी इंटरेस्ट) नहीं लिया जाएगा।
आवंटी को केवल साधारण ब्याज के साथ बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया जाएगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो ब्याज बढ़ने के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे।
आवेदन और निस्तारण की समयसीमा तय
सरकार ने योजना को सीमित समय के लिए लागू करने का निर्णय लिया है।
आवेदन की अवधि : 3 माह
आवेदन के निस्तारण की अवधि : 3 माह
सभी डिफॉल्टरों को योजना की जानकारी ई-मेल, एसएमएस और पत्र के माध्यम से दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
भुगतान के लिए आसान किस्त व्यवस्था
सरकार ने भुगतान के लिए भी सरल व्यवस्था बनाई है।
यदि देय राशि 50 लाख रुपये तक है
1/3 राशि 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी
शेष 2/3 राशि तीन मासिक किस्तों में जमा करनी होगी
यदि देय राशि 50 लाख रुपये से अधिक है
1/3 राशि 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी
शेष 2/3 राशि तीन द्विमासिक किस्तों में छह माह के भीतर जमा करनी होगी
सरकार को भी होगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि OTS-2026 योजना लागू होने से जहां डिफॉल्टर आवंटियों को राहत मिलेगी, वहीं विकास प्राधिकरणों और आवासीय संस्थाओं को हजारों करोड़ रुपये की बकाया राशि वापस मिलने की संभावना है।
इससे प्रदेश में नई आवासीय और विकास परियोजनाओं को गति देने में भी मदद मिलेगी।
Author: Chautha Prahari
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