मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 लागू, सभी ग्राम पंचायतों को ब्लॉक-तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने का लक्ष्य: दयाशंकर सिंह
लखनऊ, 13 मार्च। योगी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dayashankar Singh ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किया जाए।
परिवहन मंत्री ने यह निर्देश योजना भवन स्थित एनआईसी सेंटर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम एवं सस्ती परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।

दयाशंकर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत को सुगम और सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है, जिससे ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधे पहुंचने की सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में परिवहन निगम की बस सेवाएं मुख्य रूप से तहसील मुख्यालय, नगर पालिका परिषद और नगर निगम स्तर तक संचालित होती हैं। लेकिन प्रदेश में कई ऐसे दूरस्थ गांव और ग्राम पंचायतें हैं जहां परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के माध्यम से इन क्षेत्रों को भी परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी यात्रा सुविधा पहुंच सके।
परिवहन मंत्री के अनुसार इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना में निजी क्षेत्र के बस संचालकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिन ग्रामीण मार्गों पर परिवहन निगम की बसें कम संचालित होती हैं, वहां निजी संचालकों के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले वाहनों का संचालन किया जाएगा। इनमें डीजल, सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 66(1) के अंतर्गत जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार इस योजना के तहत संचालित होने वाले वाहनों को परमिट की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है। इससे वाहन संचालन प्रक्रिया सरल होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
इस समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह, विशेष सचिव परिवहन केपी सिंह, अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह, उप परिवहन आयुक्त गोरखपुर परिक्षेत्र शिखर ओझा तथा संभागीय परिवहन अधिकारी लखनऊ संजय कुमार तिवारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Author: Chautha Prahari
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