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दादरी रैली में अखिलेश यादव का तंज: “छोटी वाली ATM का हिसाब कर लेते”

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मीडिया के सामने ‘ATM’ का फुल फॉर्म पूछकर सपा मुखिया ने साधा सियासी निशाना, बयान से तेज हुई राजनीतिक बहस

दादरी (ग्रेटर नोएडा) 29 मार्च।दादरी  में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में एक बार फिर सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला। अपने चुटीले अंदाज और व्यंग्यात्मक शैली के लिए पहचाने जाने वाले अखिलेश यादव ने इस बार ‘ATM’ शब्द को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

दादरी रैली में भाषण देते अखिलेश यादव
राजनीतिक रैली में भाषण देते नेता (जनसभा का दृश्य)

रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “हम 10 साल से सरकार में नहीं हैं, लेकिन अपनी छोटी वाली ATM का तो हिसाब कर लेते कि 10 साल में कितना हिसाब-किताब बना होगा।” उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई और समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
यही नहीं, अखिलेश यादव ने मीडिया की ओर मुखातिब होते हुए ‘ATM’ का फुल फॉर्म भी पूछ लिया। उन्होंने इसे एक तरह की ‘क्विज’ का रूप देते हुए कहा कि राजनीतिक शब्दों के जानकार इसका सही अर्थ बताएं। उनके इस अंदाज ने न सिर्फ सभा में मौजूद लोगों को आकर्षित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो गया।
राजनीतिक संकेत और संदेश
अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना माना जा रहा है। ‘ATM’ शब्द का इस्तेमाल उन्होंने कथित तौर पर उन आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं की ओर इशारा करने के लिए किया, जिन्हें विपक्ष अक्सर सरकार से जोड़कर देखता है। हालांकि, उन्होंने इसका स्पष्ट फुल फॉर्म नहीं बताया, जिससे राजनीतिक व्याख्याओं के लिए जगह बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके जरिए सपा प्रमुख जनता के बीच एक नया नैरेटिव स्थापित करना चाहते हैं। चुनावी माहौल में इस तरह के प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक शब्दों का इस्तेमाल अक्सर जनभावनाओं को प्रभावित करने के लिए किया जाता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ATM’ ट्रेंड करने लगा। समर्थक और विरोधी दोनों ही अपने-अपने तरीके से इसका अर्थ निकालने लगे। कुछ लोग इसे राजनीतिक गठजोड़ से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे भ्रष्टाचार या आर्थिक प्रबंधन से जोड़कर व्याख्यायित कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयानों से चर्चा का केंद्र बदल जाता है और मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाकर नए विमर्श की शुरुआत हो जाती है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि, अखिलेश यादव के इस बयान पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
चुनावी माहौल में बयानबाजी का दौर
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। ऐसे में नेताओं के बयान भी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अखिलेश यादव का यह ‘ATM’ वाला बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जो जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।

 

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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