450 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, कुपोषण से लड़ाई को मिलेगी नई ताकत
लखनऊ, 30 मार्च।उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और वितरण कार्य किए। इस दौरान उन्होंने 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन प्रदान किए, वहीं 18,440 कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

कार्यक्रम के दौरान 450 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बाल विकास एवं महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। यह पहल प्रदेश की आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
📱 डिजिटल आंगनवाड़ी की ओर बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन के वितरण से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इन स्मार्टफोन्स के माध्यम से पोषण ट्रैकिंग, बच्चों का स्वास्थ्य डेटा अपडेट, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और सरकारी योजनाओं का रियल-टाइम क्रियान्वयन संभव होगा। इससे न केवल कार्य की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
📄 नियुक्ति पत्र से मजबूत हुआ तंत्र
इस मौके पर 18,440 नई नियुक्तियों के जरिए आंगनवाड़ी नेटवर्क को मजबूती दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का संदेश भी गया। यह कदम लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने और सेवाओं को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में सहायक होगा।
⚖️ कुपोषण के खिलाफ मजबूत हथियार
प्रदेश सरकार ने कुपोषण से लड़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। इनमें 10,553 इन्फेंटोमीटर, 1,33,282 स्टेडियोमीटर और 58,237 मदर-चाइल्ड वेइंग स्केल शामिल हैं। इन उपकरणों से बच्चों की लंबाई, वजन और ऊंचाई की सटीक निगरानी संभव होगी, जिससे कुपोषण की पहचान समय रहते की जा सकेगी।
🏫 ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ का विस्तार
प्रदेश में 23,697 आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में विकसित किया गया है, जिन पर 236 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, आरओ मशीन, ईसीसीई किट और आधुनिक फर्नीचर से सुसज्जित किया गया है। अब ये केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, शिक्षा और मानसिक उन्नति के केंद्र बनेंगे।
🌍 75 जिलों में विस्तृत नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में वर्तमान में 897 बाल विकास परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, जो लगभग 1.89 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य इन सभी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट और आधुनिक बनाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वस्थ और सशक्त बचपन ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव है। बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा रहा है।
Author: Chautha Prahari
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