15 Best News Portal Development Company In India

पीसीएस में सफल सृष्टि जायसवाल ने बढ़ाया अयोध्या का गौरव, जिला विकलांग अधिकारी पद पर चयनित

SHARE:

सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुई सृष्टि जायसवाल 

परिवार के सहयोग, कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से हासिल की सफलता, आगे यूपीएससी की तैयारी जारी रखने का संकल्प

अयोध्या, 30 मार्च। जनपद की होनहार बेटी सृष्टि जायसवाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सृष्टि का चयन जिला विकलांग अधिकारी (District Disability Officer) के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे जिले में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई है।

सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुई सृष्टि जायसवाल 
सृष्टि जायसवाल की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। सृष्टि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जेबी अकादमी से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से केमिस्ट्री में एमएससी की डिग्री हासिल की।
शैक्षणिक रूप से हमेशा उत्कृष्ट रही सृष्टि ने अपनी पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने अपनी तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया और कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर इस मुकाम तक पहुंचीं।
सृष्टि के पिता संजय गुप्ता पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में मुख्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे हैं, जबकि उनकी माता ऊषा एक जूनियर विद्यालय में शिक्षिका हैं। उनके बड़े भाई एकांश जायसवाल रक्षा मंत्रालय में लेखा परीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग, मार्गदर्शन और ईश्वर की कृपा को दिया है।
सृष्टि का कहना है कि उनके माता-पिता और भाई ने हर कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान कई बार चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
जिला विकलांग अधिकारी के पद पर चयनित होने के बाद सृष्टि अब समाज के उस वर्ग के लिए काम करना चाहती हैं, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे रह जाता है। उन्होंने कहा कि वह दिव्यांगजनों के अधिकारों, सुविधाओं और सशक्तिकरण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी।
हालांकि, सृष्टि का सफर यहीं खत्म नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य और भी बड़ा है और वह आगे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी जारी रखेंगी। उनका सपना देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज के व्यापक स्तर पर बदलाव लाने का है।
सृष्टि की इस उपलब्धि पर जिले के शिक्षकों, मित्रों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
आज सृष्टि जायसवाल की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास यह संदेश देते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद अगर प्रयास जारी रखा जाए, तो सफलता निश्चित रूप से हासिल होती है।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854