आजमगढ़, 3 अप्रैल। उत्तर प्रदेश का आज़मगढ़ जनपद अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला के लिए लंबे समय से जाना जाता रहा है। खासतौर पर निज़ामाबाद क्षेत्र की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी की कारीगरी) आज एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने इस पारंपरिक कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।

निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी अपनी अनूठी बनावट और गहरे काले रंग के लिए जानी जाती है। इस कला में प्रयुक्त चिकनी मिट्टी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होती है, जिससे यह शिल्प और भी खास बन जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र में 200 से अधिक कारीगर इस पारंपरिक कला से जुड़े हुए हैं, जो अपने हुनर से फूलदान, चायदान, शक्करदान, सजावटी वस्तुएं और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करते हैं।
इन उत्पादों की मांग अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ रही है। आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक नक्काशी के कारण यह उत्पाद विदेशी ग्राहकों को भी खूब पसंद आ रहे हैं। इससे स्थानीय कारीगरों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
ब्लैक पॉटरी न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी बन चुकी है। कृषि के साथ-साथ यह उद्योग आजमगढ़ के लोगों के लिए रोजगार और आय का एक मजबूत स्रोत बनकर उभरा है। कुम्हार समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले गणेश, लक्ष्मी, शिव, दुर्गा और सरस्वती की मूर्तियां त्योहारों और मेलों में विशेष रूप से लोकप्रिय रहती हैं।
इस कला की सबसे बड़ी विशेषता इसका चमकदार काला रंग है, जो एक विशेष प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है। कारीगर पहले मिट्टी के बर्तनों को विशेष घोल में डुबोते हैं और फिर उन्हें पारंपरिक तकनीक से पकाते हैं। इसके बाद विशेष तत्वों के उपयोग से इन्हें आकर्षक चमक दी जाती है, जिससे इनकी सुंदरता और बढ़ जाती है।
राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों ने इस उद्योग को नई दिशा दी है। ODOP योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्केटिंग की सुविधा दी जा रही है। इससे उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
निज़ामाबाद के ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन के निदेशक संजय कुमार यादव के अनुसार, कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) मिलने के बाद उनके काम में काफी सुधार आया है। आधुनिक मशीनों और संसाधनों की उपलब्धता से अब वे बड़े ऑर्डर भी समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा कर पा रहे हैं।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर ने उत्पादन प्रक्रिया को आसान बना दिया है। यहां कच्चे माल से लेकर पैकेजिंग तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कारीगर यहां आकर अपने उत्पाद तैयार करते हैं और बाजार में उचित मूल्य पर बेचते हैं। इससे उनके व्यापार में तेजी आई है और आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
योगी सरकार के इन प्रयासों के कारण आज आज़मगढ़ की ब्लैक पॉटरी न केवल अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए है, बल्कि आधुनिक बाजार में भी मजबूती से अपनी जगह बना रही है। यह कला अब वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व कर रही है।
Author: Chautha Prahari
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