लखनऊ, 5 अप्रैल। यूपी में महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश में महिला ई-रिक्शा ड्राइवरों को तैयार किया जा रहा है, जिससे गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।
इस योजना का उद्देश्य केवल यात्रा को सुरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है। शुरुआत में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 1000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे स्वरोजगार के जरिए अपनी आय बढ़ा सकें।
प्रदेश के अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी जिलों में इस योजना की शुरुआत हो चुकी है। इसके अलावा लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, देवरिया, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में भी जल्द ही यह सेवा शुरू की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित परिवहन की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिला चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा उनके लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन सकती है। इससे स्कूल जाने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत अब तक कई महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें ड्राइविंग के साथ-साथ सुरक्षा और ग्राहक व्यवहार से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे कानूनी रूप से इस काम को आगे बढ़ा सकें।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक पहुंच रही है। यह दिखाता है कि यह पहल सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का काम कर रही है।
‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ का प्रभाव गांवों में साफ तौर पर देखा जा सकता है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में भी योगदान दे रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस योजना का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाता है, तो यह महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। साथ ही यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
कुल मिलाकर, महिला ई-रिक्शा योजना उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के तीनों पहलुओं को एक साथ मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
इस योजना के लागू होने से महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और महिलाएं समाज में अपनी भूमिका को भलीभांच साबित करने में कामयाब होंगी।
Author: Chautha Prahari
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