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गेहूं खरीद बढ़ाने पर जोर: खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश

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गेहूं खरीद को लेकर खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश शर्मा समीक्षा करते हुए

लखनऊ, 07 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद को गति देने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राज्य क्रय एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में गेहूं खरीद की प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति और खरीद बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रमुख सचिव/आयुक्त, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के महाप्रबंधक, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, राज्य भंडारण निगम, नैफेड और एनसीसीएफ समेत विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही सभी मंडलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में मंत्री को अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है। यह वृद्धि किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है और इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में प्रस्तावित 6500 क्रय केंद्रों के मुकाबले अब तक 5439 केंद्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है। वर्तमान में 51 जनपदों के 464 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है, जहां 2085 किसानों से कुल 13,388 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
भारत सरकार द्वारा प्रदेश के लिए 10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य में इस वर्ष 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया को और तेज एवं व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में बोरा (गनny बैग) उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। सरकार को 76,000 नए पीपी बोरे आवंटित हुए हैं, जिनमें से 10,000 का ऑर्डर जारी कर दिया गया है और शेष 66,000 के लिए पुनः टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त 20,000 जूट बोरों का भी आवंटन प्राप्त हुआ है। साथ ही उचित दर विक्रेताओं से भी उपयोगी बोरों की खरीद की अनुमति दी गई है, जिससे किसी भी केंद्र पर बोरे की कमी न हो।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश में 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी, जिसमें से 37.70 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में भेजा जा चुका है। हालांकि भारतीय खाद्य निगम के पास भंडारण स्थल की कमी के कारण शेष चावल का उठान धीमी गति से हो रहा है।
बैठक में मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी क्रय केंद्रों को जल्द से जल्द क्रियाशील किया जाए और प्रदेश के हर जिले में गेहूं खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर केंद्र पर किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी क्रय केंद्रों पर स्पष्ट सूचना वाले बैनर लगाए जाएं, ताकि किसानों को खरीद प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
इसके अलावा किसानों को अधिक से अधिक संख्या में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करने और MSP में हुई वृद्धि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में मंत्री ने कहा कि गेहूं के सुरक्षित भंडारण की योजना समय रहते पूरी कर ली जाए और अवशेष चावल (CMR) को जल्द से जल्द संबंधित डिपो तक पहुंचाया जाए, ताकि भंडारण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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