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10 मार्च से ईको गार्डन, लखनऊ में ध्यान आकर्षण कार्यक्रम

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लखनऊ, 8 फरवरी। वंश आधारित दंश का शिकार दलित, आदिवासी, अति पिछड़ा, पसमांदा मुसलमान और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान चौतरफा प्रयास करेगा। इन समूहों के शासन, प्रशासन में प्रतिनिधित्व और संसाधनों में अधिकार व बजट में वाजिब धनराशि देने की मांग अभियान द्वारा पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है। इसी संदर्भ में पंचायत चुनाव से पूर्व अति पिछड़े समूहों के लिए अलग सीट आरक्षित करने और प्रदेश में सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों को भरने के सवाल पर आगामी 10 मार्च से लखनऊ के ईको गार्डन में ध्यान आकर्षण कार्यक्रम किया जायेगा। इसके अलावा प्रदेश से पूंजी पलायन पर रोक लगाने, माइक्रो फाइनेंस की लूट से महिलाओं को बचाने के लिए इनके नियमन का कानून बनाने, जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड, कोल को आदिवासी का दर्जा और वनाधिकार कानून लागू करने जैसे प्रदेश के प्रमुख सवाल भी आंदोलन में उठाए जायेंगे। रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान विधानसभा के बजट सत्र में राजनीतिक दलों के प्रमुखों और विधायकों को पत्र देगा और उनसे निवेदन करेगा की विधानसभा के सत्र में इन सवालों को उठाया जाए। इस आशय का निर्णय रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान की वर्चुअल बैठक में लिया गया। बैठक का संचालन अभियान के संयोजक और राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल ने किया। बैठक में अभियान के बारे में एआईपीएफ के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने विस्तार से बात रखी।बैठक में कहा गया कि पंचायत चुनाव में अति पिछड़ों को आरक्षण देने में उत्तर प्रदेश सरकार को संसद की मंजूरी और न्यायपालिका की स्वीकृति की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार चाहे तो अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में से अति पिछड़े वर्ग का आरक्षण अलग कर सकती है। यह भी बैठक में उठा कि प्रदेश जबर्दस्त आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। जितने का प्रदेश का बजट बनता है लगभग उतना ही कर्ज प्रदेश के ऊपर है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में लोगों के जमा पैसे का 50 प्रतिशत दूसरे उन्नत प्रदेशों में पलायन कर जा रहा है। सरकारी विभागों में लाखों पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार तैयार नहीं है। सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बेहद बुरा है। कहा गया कि इन हालातों को बदलने और प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूंजी पलायन पर रोक लगाकर उससे नौजवानों और महिलाओं को चार प्रतिशत ब्याज पर उद्यम लगाने के लिए कर्ज देना चाहिए। बैठक में रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन 9 फरवरी को 11 बजे से एक्स पर कैंपेन चलाने की जानकारी दी।अभियान का ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी, भारतीय मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामधनी बिंद, राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी के केंद्रीय संयोजक मंडल सदस्य श्रीकांत साहू, पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह, अति पिछड़ा अधिकार मंच के एडवोकेट रामेश्वर ठाकुर, एडवोकेट जवाहर लाल बघेल, सतीश नायक, पदमनंद एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत शर्मा, युवा भारत के आलोक सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सदस्य, चंदौली तिलकधारी बिंद, पंसमादा मुस्लिम समाज के नेता जोखू सिद्दीकी, रोजगार अधिकार अभियान के पूर्वांचल संयोजक शम्मी कुमार सिंह, एआईपीएफ प्रदेश सचिव डॉक्टर बृज बिहारी, दिनकर कपूर, रमेश ठाकुर, कल्याण सिंह आदि लोग नेतृत्व कर रहे हैं।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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