12 हजार से अधिक गांवों को पहली बार मिलेगी बस सुविधा, 28 सीट वाली मिनी बसें चलाने की तैयारी
लखनऊ, 10 मार्च।उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 30 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें ग्रामीण परिवहन को लेकर लिया गया यह निर्णय सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अभी तक उत्तर प्रदेश के करीब 12,200 गांव ऐसे हैं, जहां बस सेवा उपलब्ध नहीं है। नई योजना के माध्यम से इन गांवों को भी परिवहन सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय और शहरों तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
गांवों के लिए विशेष मिनी बसें
कई गांवों में सड़कें संकरी होने के कारण बड़ी बसों का संचालन संभव नहीं होता। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मिनी बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।
बस की अधिकतम लंबाई : 7 मीटर
अधिकतम सीट क्षमता : 28 यात्री
प्रदेश के करीब 5000 गांव ऐसे हैं, जहां बड़ी बसों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे स्थानों पर मिनी बसें चलाई जाएंगी।
परमिट और टैक्स से मिलेगी छूट
योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने बस संचालकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत चलने वाली बसों को परमिट और टैक्स से छूट दी जाएगी। इससे निजी संचालकों को ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
गांव से जिला मुख्यालय तक आसान सफर
नई व्यवस्था के तहत बसें रात में गांव में ही रुकेंगी और सुबह गांव से चलकर ब्लॉक और तहसील होते हुए सुबह 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंचेंगी।
दिन में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बसों को आवश्यकता के अनुसार अन्य मार्गों पर भी चलाया जा सकेगा। इसके बाद शाम तक बसें फिर गांव लौट आएंगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
सरकार ने योजना को रोजगार से भी जोड़ा है। बसों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर के रूप में आसपास के गांवों के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी समिति
बस संचालन और किराया निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी।
इस समिति में शामिल होंगे:
मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
पुलिस अधीक्षक (SP)
एआरटीओ
एआरएम
यह समिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बस मार्ग और किराया तय करेगी।
45 दिन में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
सरकार के अनुसार योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग 15 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। चयनित आवेदकों को 15 दिनों के भीतर वाहन उपलब्ध कराना होगा और पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
ग्रामीण विकास को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना लागू होने के बाद गांव और शहर के बीच परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे छात्रों, किसानों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।
Author: Chautha Prahari
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