पिछले साल के 477 इंजनों को पीछे छोड़ते हुए वाराणसी के बरेका ने रचा औद्योगिक इतिहास, 2026-27 के लिए 642 इंजनों का नया लक्ष्य
लखनऊ, 31 मार्च।उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने भारतीय रेलवे के औद्योगिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने कुल 572 रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि पूरे भारतीय रेल के लिए गर्व का विषय बन गई है।

महाप्रबंधक आशुतोष पंत के कुशल नेतृत्व में हासिल की गई यह सफलता बरेका की तकनीकी क्षमता, उत्कृष्ट प्रबंधन और कर्मचारियों की अथक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 477 इंजनों का निर्माण हुआ था, वहीं इस वर्ष लगभग 20 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
🚆 उत्पादन का पूरा ब्रेकअप
इस वित्तीय वर्ष में निर्मित 572 लोकोमोटिव में शामिल हैं—
558 आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव
WAG-9 – 401 (मालगाड़ी के लिए)
WAP-7 – 143 (यात्री ट्रेनों के लिए)
अमृत भारत लोको – 14
10 डीजल लोकोमोटिव (मोजांबिक को निर्यात)
04 डीजल लोकोमोटिव (घरेलू ग्राहकों के लिए)
विशेष बात यह रही कि 553 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लक्ष्य के मुकाबले बरेका ने 558 लोकोमोटिव बनाकर लक्ष्य से अधिक उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18% ज्यादा है।
🏆 11259 इंजनों का ऐतिहासिक सफर
स्थापना से लेकर अब तक बरेका ने कुल 11,259 रेल इंजनों का निर्माण किया है, जिनमें 2,925 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भरता और रेलवे के तकनीकी विकास में बरेका की अहम भूमिका को दर्शाती है।
⚙️ आधुनिक तकनीक से लैस लोकोमोटिव
बरेका द्वारा बनाए जा रहे लोकोमोटिव अब केवल शक्तिशाली ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से भी लैस हैं। इनमें शामिल हैं—
वाटरलेस यूरिनल
सीएलआई सीट
सिग्नल एक्सचेंज लाइट
DPWCS सिस्टम
‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली
इन सुविधाओं के चलते बरेका को सर्वश्रेष्ठ लोको कैब का प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है।
🌍 इंटरनेशनल स्तर पर भी पहचान
बरेका की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर भी सराहा गया है। यूरोप की प्रतिष्ठित संस्था UNIFE ने बरेका को IRIS (ISO 22163) सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया है।
🌱 पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण में भी अग्रणी
बरेका सिर्फ उत्पादन में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है—
वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और सोक पिट का निर्माण
3874 किलोवाट पीक क्षमता का सोलर पावर प्लांट
41.76 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन
कुल ऊर्जा खपत का लगभग 19.87% सौर ऊर्जा से पूरा
लगभग 1.58 करोड़ रुपये की बचत
🏅 हिंदी के प्रचार में भी नंबर-1
राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट कार्य के लिए बरेका को रेलवे बोर्ड द्वारा “रेल मंत्री राजभाषा शील्ड” से सम्मानित किया गया है।
🎯 आगे का लक्ष्य और चुनौती
रेल मंत्रालय ने बरेका को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 642 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया है। इस उपलब्धि पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने टीम बरेका के सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी बरेका नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
Author: Chautha Prahari
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