कठौरा गांव की संगीता ने लगाई मदद की गुहार,“भगवान बनकर आए” कहकर जताया भरोसा,किडनी ट्रांसप्लांट के लिए शुरू होगी जनसहयोग मुहिम
जौनपुर, 31 मार्च। जनपद के कठौरा गांव से मानवता और संवेदनशीलता की एक मार्मिक कहानी सामने आई है, जहां एक मां की अपने बेटे को बचाने की गुहार ने समाज को झकझोर दिया। गांव की रहने वाली संगीता ने अपने पुत्र जगदंबा की किडनी खराब हो जाने के बाद मदद के लिए “देवदूत वानर सेना” के संरक्षक अजीत प्रताप सिंह से संपर्क किया और भावुक अपील की।
बताया जा रहा है कि संगीता का बेटा जगदंबा गंभीर किडनी रोग से जूझ रहा है और डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने इलाज का खर्च एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है। ऐसे में मां संगीता ने रोते हुए अजीत प्रताप सिंह से मदद की गुहार लगाई।
संगीता ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वह वृंदावन दर्शन करने गई थीं और उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे “राधा स्वामी ने उनकी मदद के लिए भगवान के रूप में अजीत प्रताप सिंह को भेजा है।” यह भावनात्मक अपील सुनकर हर किसी का दिल पसीज गया।

दूरभाष पर हुई बातचीत के दौरान अजीत प्रताप सिंह ने महिला को भरोसा दिलाते हुए कहा,
“माताजी, आपके पुत्र के इलाज में धन आड़े नहीं आएगा। पहले किडनी मैच कराइए, जरूरत पड़ी तो हम लोगों से सहयोग मांगकर भी इलाज कराएंगे।”
उनका यह आश्वासन न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहत भरा रहा, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आया।
गौरतलब है कि अजीत प्रताप सिंह “देवदूत वानर सेना” के संस्थापक महामंत्री हैं और वर्तमान में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। शासकीय सेवा की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
“देवदूत वानर सेना” के माध्यम से वे जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए लगातार मुहिम चलाते रहते हैं। इस संगठन से जुड़े लोग—चाहे अधिकारी हों या आम नागरिक—मिलकर आर्थिक सहयोग जुटाते हैं और जरूरतमंदों का इलाज कराते हैं।
जानकारों के मुताबिक, अब तक कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों का इलाज वानर सेना के सहयोग से कराया जा चुका है। यही कारण है कि आज यह संगठन जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।
समाज में जहां एक ओर लोग व्यक्तिगत समस्याओं में उलझे रहते हैं, वहीं अजीत प्रताप सिंह जैसे लोग दूसरों के दर्द को अपना मानकर आगे आते हैं। उनके नेतृत्व में चल रही यह मुहिम अब एक जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “वानर सेना” आज सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक भरोसा बन चुकी है, जहां हर जरूरतमंद को मदद की उम्मीद रहती है।
इस पूरे मामले में अब सबसे अहम कदम किडनी मैचिंग प्रक्रिया का होगा, जिसके बाद ट्रांसप्लांट के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने की मुहिम तेज की जाएगी।
Author: Chautha Prahari
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