अयोध्या, 3 अप्रैल। महिलाओं में तेजी से बढ़ रही पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD) को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्र महिला छात्रावास में मिशन शक्ति-05 के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दीपशिखा चौधरी रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि PCOD एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जाने वाली बीमारी है, जो आज के समय में महिलाओं के बीच तेजी से फैल रही है। उन्होंने कहा कि यह एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे मासिक धर्म अनियमित हो जाता है और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।

डॉ. चौधरी ने बताया कि इस बीमारी के बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण आधुनिक जीवनशैली है। अनियमित खान-पान, जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता तनाव और पर्याप्त नींद न लेना इस समस्या को और गंभीर बना देते हैं।
उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार किया जाए तो PCOD को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए संतुलित आहार लेना, नियमित रूप से व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना और मानसिक तनाव को कम करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से इस बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिभा ने किया, जबकि समापन डॉ. नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. शशि सिंह, साधना पाठक, निर्मला मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
Author: Chautha Prahari
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