लखनऊ, 07 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने ‘डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत प्रदेशभर में महापुरुषों की मूर्तियों और स्मारकों का व्यापक विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि योगी सरकार का यह दाव कितना कारगर साबित होगा।

इस योजना के अंतर्गत Dr. B. R. Ambedkar, Sant Ravidas, Kabir, Jyotiba Phule और Valmiki समेत अन्य महान विभूतियों की मूर्तियों का संरक्षण, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन स्मारकों को केवल प्रतीकात्मक स्थल न रखकर उन्हें जन उपयोगी और प्रेरणादायक केंद्रों के रूप में विकसित करना है।
हर विधानसभा में 10 स्मारक, 403 करोड़ का बजट
योजना के तहत प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्मारकों का विकास किया जाएगा। इस प्रकार कुल 4030 स्मारकों को इस योजना से लाभ मिलेगा। प्रत्येक स्मारक पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कुल 403 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इन स्मारकों पर बाउंड्रीवॉल, छत्र निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, हरियाली और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल इन स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि उनका आकर्षण भी बढ़ेगा।
14 अप्रैल को विशेष कार्यक्रम
सरकार ने यह भी तय किया है कि 14 अप्रैल, जो Dr. B. R. Ambedkar की जयंती के रूप में मनाया जाता है, उस दिन प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि—सांसद, विधायक और एमएलसी—जनता को योजना और चयनित स्थलों की जानकारी देंगे।
रोजगार सृजन को भी मिलेगा बढ़ावा
यह योजना केवल सांस्कृतिक संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्यों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि यह योजना सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का भी कार्य करेगी। इन स्थलों को जानकारीपरक और शिक्षाप्रद केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां लोग महापुरुषों के जीवन और योगदान के बारे में जान सकेंगे।
इस योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित सभी मूर्तियों को शामिल किया जाएगा और उनके आसपास के क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
जन-जागरूकता और प्रेरणा का माध्यम बनेगी योजना
‘डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और समाज सुधारकों की विरासत को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे प्रदेश में सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को भी बल मिलेगा।
Author: Chautha Prahari
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





