15 Best News Portal Development Company In India

राज्यपाल की अध्यक्षता में भाषा विश्वविद्यालय की समीक्षा, गुणवत्ता व शोध को लेकर कड़े निर्देश

SHARE:

लखनऊ, 10 अप्रैल। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनभवन स्थित गांधी सभागार में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति, विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया।



लखनऊ में भाषा विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रवेश प्रक्रिया और शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा वाणिज्य, फार्मेसी, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, विधि, सामाजिक विज्ञान, कला एवं मानविकी तथा विज्ञान संकायों की शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्यपाल ने छात्रावास सुविधाओं, छात्र कल्याण योजनाओं, नवाचार एवं इन्क्यूबेशन केंद्र, शोध गतिविधियों, एमओयू, संग्रहालय, आर्ट गैलरी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। इसके साथ ही एनएसएस एवं एनसीसी के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष अपनी-अपनी कमियों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करें और उन्हें समयबद्ध ढंग से दूर करें। उन्होंने नियमित मासिक समीक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया, ताकि कार्यों की प्रगति का सतत आकलन हो सके और गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल ने शोध, नवाचार और पेटेंट को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में हो रहे शोध कार्यों का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को शोध पत्र लेखन, पुस्तक लेखन और अनुवाद कार्य में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय में वर्षभर होने वाली गतिविधियों के समुचित दस्तावेजीकरण और प्रकाशन पर भी जोर दिया। इसके लिए समितियों के गठन और व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने गोद लिए गए गांवों में शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा बालक और बालिका गृहों में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत योगदान देने की बात कही।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्यपाल ने खेल, स्वास्थ्य, पोषण और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ और ‘अग्निवीर’ जैसी योजनाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को नैक (NAAC) मूल्यांकन और एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गंभीरता से कार्य करने को कहा। उन्होंने ई-लाइब्रेरी को सुदृढ़ बनाने और डिजिटल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। साथ ही ‘मूट कोर्ट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
समावेशी शिक्षा पर बल देते हुए उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा से जोड़ने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचाने की बात कही। इसके अलावा रोजगार मेलों के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को नियमित और पूर्ण वेतन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और विश्वविद्यालय गुणवत्ता के आधार पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
वहीं राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि राज्यपाल के निर्देशन से विश्वविद्यालयों में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिल रही है, जिससे उच्च शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने आश्वस्त किया कि राज्यपाल द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा और विश्वविद्यालय को अधिक सुदृढ़ एवं प्रगतिशील बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में राजभवन और विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई