15 Best News Portal Development Company In India

महिला सशक्तिकरण से होगी देश की तरक्की: डॉ. प्रतिभा सिंह

SHARE:

अयोध्या, 11 अप्रैल। जनपद के ग्राम तेंधा में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा आयोजित महिला जागरूकता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम कुलपति डॉ. पी.एस. प्रमाणिक के संयोजन एवं मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें विभिन्न व्यावसायिक कौशलों से जोड़ना था।

ग्रामीण महिलाओं का कौशल प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम में 40 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने ब्लॉक प्रिंटिंग, पैचवर्क, सिलाई-कढ़ाई, फ्रॉक कटिंग, शैक्षिक सामग्री निर्माण और मिलेट आधारित व्यंजनों की प्रस्तुति के माध्यम से अपने कौशल को प्रदर्शित किया। यह प्रदर्शन न केवल उनकी प्रतिभा को सामने लाया बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके बढ़ते कदमों को भी दर्शाता है।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी देश सशक्त होगा और विकास की गति तेज होगी।”
डॉ. प्रतिभा सिंह ने यह भी कहा कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज में भी अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे सीखे गए कौशलों का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें।
सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता को भी विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं यदि सही दिशा और प्रशिक्षण प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया, जिसमें शिक्षा, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही महिलाओं को उपयोगी वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे घरेलू स्तर पर छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें।
कार्यक्रम में स्वागत संबोधन आरएमसीएस की अध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक मनप्रीत कल्सी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन नव्या और साक्षी ने प्रभावी ढंग से किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. बबीता वर्मा सहित कई शिक्षिकाएं, छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने इस पहल को सराहते हुए इसे ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।
यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। इस तरह की पहलें न केवल महिलाओं को सशक्त बनाती हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास की नींव भी मजबूत करती हैं।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854