लखनऊ, 11 अप्रैल।उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस अभियान के तहत अगले 7 दिनों तक बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सीधे उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। यह पहल खास तौर पर स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, जिनमें ओवर बिलिंग, गलत रीडिंग और कनेक्शन कटने जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में प्रबंध निदेशक पंकज कुमार समेत सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का रोजाना निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
अभियान के दौरान अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक अधिकारी को 10 से 20 या उससे अधिक उपभोक्ताओं से संपर्क करने का लक्ष्य दिया जाएगा। कॉरपोरेशन और डिस्कॉम के अधिकांश कर्मचारियों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचा जा सके।

इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करना है। अधिकारी घर-घर जाकर न केवल शिकायतें दर्ज करेंगे बल्कि उनका तुरंत समाधान भी करेंगे। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दर्ज शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा और हर शिकायत का फीडबैक लिया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में गलत या अधिक बिलिंग (ओवर बिलिंग) नहीं होनी चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता द्वारा गलत बिलिंग की शिकायत की जाती है, तो उसकी तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गलत बिल को तुरंत सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। वहीं, जिन उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन चालू नहीं हुआ है, उनके मामलों की विशेष जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।
डॉ. आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिस्कॉम स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल इस अभियान की लगातार निगरानी करें। साथ ही हेल्पलाइन 1912 पर आने वाली हर शिकायत का उसी दिन समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह अभियान प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं में तेजी से सुधार होगा और उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
Author: Chautha Prahari
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