अयोध्या(विनय प्रकाश सिंह)12 अप्रैल।मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में शनिवार की शाम भक्ति, संगीत और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। शहर के प्रतिष्ठित जीडी गोयनका स्कूल परिसर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या “भजन एवं शास्त्रीय संगीत” कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नेशनल टीवी पर अपनी पहचान बना चुकीं और सा रे गा मा पा फेम प्रसिद्ध गायिका आकांक्षा राव रहीं। उनकी मधुर और आत्मा को छू लेने वाली आवाज़ ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही उन्होंने ईश वंदना से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की, पूरा परिसर श्रद्धा और संगीत के सुरों में डूब गया।
आकांक्षा राव ने शास्त्रीय संगीत की गहराइयों को छूते हुए कई लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। उनकी गायकी में भाव, तकनीक और भक्ति का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। “द वॉयस दैट वन मिलियंस” के नाम से प्रसिद्ध आकांक्षा की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और श्रोता देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के अध्यक्ष मदन मोहन त्रिपाठी और प्रधानाचार्य डॉ. अविन सी. राज द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को भव्य सजावट और रोशनी से सजाया गया था, जो पूरे आयोजन को और भी आकर्षक बना रहा था।
सांस्कृतिक संध्या का एक और प्रमुख आकर्षण रहा भव्य ड्रोन शो, जिसने आसमान को रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा दिया। ड्रोन शो के माध्यम से विभिन्न आकृतियों और संदेशों को प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक भक्ति संगीत और आधुनिक तकनीक का यह अनूठा संगम अयोध्या में कम ही देखने को मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अध्यक्ष मदन मोहन त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अविन सी. राज ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
इस भव्य आयोजन में अयोध्या शहर के कई गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षक एवं संगीत प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरा परिसर देर रात तक तालियों और भक्ति के सुरों से गूंजता रहा।
अयोध्या में आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या न केवल संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि जब परंपरा और तकनीक का संगम होता है, तो एक अद्भुत और अविस्मरणीय माहौल तैयार होता है।
Author: Chautha Prahari
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