नागपुर, 29 अप्रैल। राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाली 30 विभूतियों को आज नागपुर में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय में किया। इस मौके पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने सभी का अभिनंदन किया और कहा कि यह काम भारत की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ा है।

सम्मानित लोगों में उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के रहने वाले फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी भी शामिल रहे। उन्हें रामलला के वस्त्र तैयार करने की सेवा के लिए सम्मान दिया गया।
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यह सम्मान समारोह उन लोगों के लिए आयोजित किया गया, जिन्होंने किसी न किसी रूप में अयोध्या में बन रहे राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और सेवा कार्य में योगदान दिया है।
मनीष त्रिपाठी अंबेडकर नगर के टांडा तहसील के ग्राम ओदरा के निवासी हैं। उन्हें पहले ही रामलला के वस्त्र बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्राण प्रतिष्ठा के दिन से वे लगातार भगवान के नित्य वस्त्र तैयार कर रहे हैं।
उनके बनाए वस्त्र पूरी तरह भारतीय पारंपरिक परिधानों और टेक्सटाइल कला पर आधारित होते हैं। इसमें एरी, मूगा, कोटपाड, तोड़ा, भील और बनजारा जैसी पारंपरिक बुनाई शैलियों को शामिल किया जाता है।
उनका उद्देश्य है कि भारत के हर राज्य की पारंपरिक वस्त्र कला भगवान तक पहुंचे और देश की यह परंपरा आगे बढ़े।
क्या बोले मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों का काम नहीं है। यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जागरण है। उन्होंने कहा कि इसमें जुड़े सभी लोगों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है।
आगे क्या असर पड़ेगा
इस तरह के सम्मान से उन लोगों को पहचान मिलती है, जो पीछे रहकर काम करते हैं। इससे पारंपरिक कला और कारीगरों को बढ़ावा मिलेगा।
आने वाले समय में इससे अयोध्या में धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पारंपरिक टेक्सटाइल व हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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