मंदिर की ठगी का प्रयास पड़ा महंगा,कोर्ट ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश
चौथा प्रहरी (विनय प्रकाश सिंह)लखनऊ। प्रदेश की राजधानी में ठंगो ने मंदिर को भी अपना निशाना बना लिया और मंदिर को ही हडपने में जुट गए। ऐसा मामला प्रकाश में आया है। ऐशबाग के प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर को हड़पने के लिए सात लोगों ने फर्जी कागजात तैयार कर डाले तथा मंदिर का दानपात्र तोड़कर भगवान के नाम आयी चढ़ावे की नगदी भी अपहरण कर लिया।
राजधानी लखनऊ के ऐशबाग इलाके में उत्तर प्रदेश यज्ञसेनी वैश्य हलवाई महासभा के अध्यक्ष शिव प्रसाद गुप्ता ने भाई ओमप्रकाश गुप्ता के साथ मिलकर राम जानकी मंदिर का निर्माण कराया था। शिव प्रसाद के देहांत के बाद से ओमप्रकाश गुप्ता मंदिर के प्रबंधक के रूप में कार्य कर रहे थे। विगत दिनों शिव प्रसाद गुप्ता की मृत्यु के उपरांत शिव प्रसाद गुप्ता वाली संस्था का रिनीवल कराए जाने के बहाने नीरज गुप्ता ने अशिक्षित ओमप्रकाश गुप्ता के दस्तखत का दुरुपयोग करते हुए अपने अन्य सहयोगियों के साथ मंदिर को हड़पने का कुचक्र रच डाला। नीरज गुप्ता व उसके साथी प्रवीण, अमित ने विकासदीप स्थित रजिस्टर चिट फार्म्स सोसाइटी के चार सरकारी बाबूओं के साथ मिलकर षडयंत्र कर कूटरचित अभिलेख बना डाले और मंदिर हड़पने की कोशिश शुरू कर दी।इतना ही नहीं नीरज गुप्ता व उसके साथियों ने राम जानकी मंदिर के दानपात्र को तोड़कर उसमें रखी भगवान के चढ़ावे की नगदी भी चुरा ली। निरंतर इन हरकतों की सूचना व शिकायत पुलिस से करने के बाद हाल ही में कोर्ट के आदेश पर नीरज गुप्ता उसके साथी प्रवीण, अमित व रजिस्ट्रार कार्यालय विकासदीप बिल्डिंग के चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है।मंदिर प्रबंधक ओमप्रकाश गुप्ता ने एफआईआर के आधार पर भगवान के साथ जालसाजी करने वाले व मंदिर हड़पने वाले नीरज गुप्ता व उसके साथियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस व जिला प्रशासन राम जानकी मंदिर की व स्वंय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि मंदिर हड़पने व चढ़ावे की नगदी चोरी करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं जिन पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
Author: Chautha Prahari
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