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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसान पाठशाला की समीक्षा कर सफल क्रियान्वयन के दिए निर्देश  प्रदेश की 21,000 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित का दिया लक्ष्य 

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लखनऊ चौथा प्रहरी 14 दिसंबर। योगी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में रविवार को कृषि भवन स्थित समीक्षा कक्ष में ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठी/किसान पाठशाला की समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गत 12 दिसंबर को जनपद बाराबंकी के ग्राम-दौलतपुर में पद्मश्री कृषक रामशरण वर्मा के प्रक्षेत्र से शुभारम्भ किए गए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल आयोजन और क्रियान्वयन की रणनीति तय करना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के कारण यह कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, कहा कि हम सभी का दायित्व है कि इसका आयोजन प्रदेश भर में सही ढंग से किया जाए। इस वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश की 21,000 ग्राम पंचायतों में कराने हेतु समस्त जनपदीय/मंडलीय कार्यालयों को निर्देशित कर दिया गया है। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन हेतु मंत्री ने जनपदीय उप कृषि निदेशक एवं मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशकों को निर्देश दिए गए। कार्यक्रम का आयोजन शासन द्वारा जारी शासनादेश एवं निदेशालय द्वारा प्रेषित निर्देशों के क्रम में जनपद के अंदर स्थित पैक्स सोसायटी, किसान कल्याण केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र एवं ग्राम पंचायत सचिवालय/प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ जनपद के प्रगतिशील/पुरस्कृत कृषकों के खेत पर किया जाए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिभाग हेतु अपने अथवा जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से पत्र जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से आग्रह कर लिया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में पाठशाला का आयोजन किया जाना है, उनके ग्राम प्रधान को पहले से अवगत करा दिया जाए। आईसीएआर संस्थान/कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालयों के प्रोफेसर आदि को गोष्ठियों में प्रतिभाग कराया जाए जिससे शोध केंद्रों में किए जा रहे नए-नए अनुसंधानों से प्रदेश के कृषकों को अवगत कराया जा सके। कार्यक्रम में बुवाई के बाद फसल सुरक्षा, फसल अवशेष प्रबंधन, विभाग द्वारा संचालित योजनाओं आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ-साथ जायद की फसल रणनीति पर भी चर्चा की जाए। निदेशालय स्तर के अधिकारियों द्वारा जनपद के किसी एक अथवा दो कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जाए।कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन 12 से 29 दिसंबर के मध्य आयोजित किया जाना है, अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यक्रम की संख्या से ज्यादा कार्यक्रम की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। साथ ही जनपद के जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें कार्यक्रम में प्रतिभाग हेतु आग्रह किया जाए।इस बैठक में प्रमुख सचिव कृषि  रविंद्र, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, अपर कृषि निदेशक (प्रसार), अपर कृषि निदेशक (तिलहन एवं दलहन, कृषि रक्षा, गेहूं मोटा अनाज, भूमि संरक्षण, सामान्य), संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक, ब्यूरो, बाढ़ोन्मुखी) उपस्थित रहे। इसके साथ ही के समस्त मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशक एवं जनपदीय उप कृषि निदेशक वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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