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आरएसएस पर अनर्गल आरोप दुर्भाग्यपूर्ण, अफवाह फैलाना अपराध: रीना एन सिंह

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रीना एन सिंह RSS विवाद पर बयान देती हुई

नई दिल्ली। राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर उठे हालिया विवादों पर सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रीना एन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि RSS जैसे अनुशासित और राष्ट्र निर्माण में समर्पित संगठन पर अनर्गल आरोप लगाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि समाज को भ्रमित करने का प्रयास भी है।
रीना एन सिंह ने कहा कि RSS देशभर में अपनी 50 हजार से अधिक शाखाओं के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी गतिविधियों को मजबूती प्रदान कर रहा है। संगठन का उद्देश्य केवल किसी एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हर उस व्यक्ति के लिए कार्य करता है जो राष्ट्रहित और समाज सेवा में विश्वास रखता है।

रीना एन सिंह RSS विवाद पर बयान देती हुई
उन्होंने हाल ही में सामने आए उस विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि RSS के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने 10 लाख हिंदू कन्याओं के मुस्लिम पुरुषों से विवाह करवाने की बात कही थी। इस पर उन्होंने दो टूक कहा कि स्वयं इंद्रेश कुमार इस बयान का खंडन कर चुके हैं और इसे पूरी तरह से निराधार बताया है। ऐसे में इस तरह की अफवाह फैलाना समाज में भ्रम और वैमनस्य पैदा करने की साजिश के अलावा कुछ नहीं है।
रीना एन सिंह ने बिना किसी का नाम लिए एक तथाकथित शंकराचार्य पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में उन्हें धर्म और समाज की चिंता है तो उन्हें मथुरा में गौ रक्षक फरसा बाबा की हत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठानी चाहिए थी। इसके बजाय इस तरह के विवादित और असत्य बयान देना उनकी मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने जोशीमठ में हिंदुओं की घटती आबादी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस विषय पर भी कोई ठोस पहल या चिंता दिखाई नहीं देती, जो कि वास्तव में एक गंभीर सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दा है।
रीना एन सिंह ने यह भी कहा कि RSS को केवल हिंदू संगठन के रूप में देखना एक संकीर्ण सोच है। उनके अनुसार, संगठन की कार्यप्रणाली और विचारधारा राष्ट्रवाद पर आधारित है, जिसमें हर धर्म और समुदाय के लोगों के लिए समान अवसर और सम्मान है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाना और किसी संगठन या व्यक्ति की छवि को बिना प्रमाण के धूमिल करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि इंद्रेश कुमार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और विशेष रूप से कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनके नाम को लेकर इस तरह की अफवाह फैलाना न केवल उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठाता है बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है।
अंत में रीना एन सिंह ने अपील की कि लोग किसी भी जानकारी को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं और समाज में सौहार्द बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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