हरित ऊर्जा से सहकारिता को मजबूत करेगी योगी सरकार
सहकारी संस्थाओं की ऊर्जा लागत में आएगी कमी, 2.19 करोड़ से मजबूत होंगी वाहन सेवाएं
1.50 करोड़ रुपए से सहकारी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ,चौथा प्रहरी,22 दिसंबर। प्रदेश की योगी सरकार हरित ऊर्जा के जरिए सहकारिता को मजबूत करेगी। वर्ष 2025-2026 के अनुपूरक बजट में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और तकनीक-आधारित बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था की है। योगी सरकार का फोकस सहकारिता को ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाने पर है।
अनुपूरक बजट में सरकारी, अर्द्ध-सरकारी एवं बी-पैक्स भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। इससे सहकारी संस्थाओं की ऊर्जा लागत में कमी आएगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
विभागीय कार्यों की गति तेज होगी और निगरानी व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सहकारिता विभाग के अंतर्गत वाहन सेवाओं को 2.19 करोड़ रुपए से मजबूत किया जाएगा। इससे विभागीय कार्यों की गति और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं 46 लाख रुपए के अतिरिक्त अनुदान से उत्तर प्रदेश सहकारी सेवा मंडल, लखनऊ को विभिन्न मानक मदों के लिए मजबूती मिलेगी।
क्षमता निर्माण और शोध गतिविधियों को किया जाएगा सुदृढ़
सहकारी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान को अनुदान के रूप में 1.50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, ताकि सहकारी कर्मियों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और शोध गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा सके। इसके साथ ही सहकारिता के माध्यम से विकास मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए सहकारी समितियों का समग्र डाटाबेस तैयार करने के लिए एक करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।योगी सरकार के इन प्रावधानों से सहकारिता क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन, प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। योगी सरकार का यह कदम प्रदेश में सहकारिता को आधुनिक, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Author: Chautha Prahari
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