
दिल्ली,5 जनवरी। यूपी की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली पहुंचे थे उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक इलाको में कई तरह की अटकलें का बाजार गर्म हो गया। जानकारों द्वारा माना जा रहा है कि प्रदेश में शीघ्र ही यूपी मंत्रिमंडल का विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को लेकर बड़े निर्णय हो सकते हैं।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात किया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश की विकास योजनाओं के साथ-साथ आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और रणनीति पर भी चर्चा होने की कयास लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ देश के गृहमंत्री अमित शाह तथा भाजपा के जेपी नड्डा और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।


राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दिल्ली दौरा ऐसे समय पर हो रहा है,जब यूपी के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक भी राजधानी में मौजूद हैं। बताते है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोमवार सुबह ही भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। ऐसे में यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं को और बल मिल गया। बहरहाल उत्तर प्रदेश कैबिनेट में 06 मंत्री पद रिक्त हैं। सूत्रों की माने तो नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। माना जा रहा है कि इन मुद्दों पर शीघ्र ही अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ प्रस्तावित बैठक को यूपी संगठन में संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व राज्य में संगठन को और मजबूत करने के लिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अहम फैसले ले सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इन बैठकों को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, परंतु चर्चा है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय तथा विधानसभा चुनाव मिशन 2027 की रणनीति इन बैठकों का प्रमुख एजेंडा होगा ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं।
Author: Chautha Prahari
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