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खेलकूद की गतिविधियांं को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं-मुख्यमंत्री

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लखनऊ,16 जनवरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में खेल और उससे जुड़ी गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण आयाम बन चुकी हैं। भारत की प्राचीन परम्परा ने खेलकूद की गतिविधियों को सदैव महत्व दिया है। खेलकूद की गतिविधियांं को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यहां आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता देश की बेटियों के उमंग और उत्साह के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 का उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के बीच हुए मैच का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय की खेल पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 के आयोजन के लिए केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया। ज्ञातव्य है कि पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद देश में नई खेल संस्कृति विकसित की है। उन्होंने ‘खेलो इण्डिया‘ तथा ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट‘ के माध्यम से देशवासियों को स्वस्थ शरीर से सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला तैयार करने की प्रेरणा प्रदान की। सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव तक खेल भावना का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय ऋषि परम्परा उद्घोष करती है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्‘ अर्थात् जीवन के जितने भी साधन है, वह सभी स्वस्थ शरीर से ही सम्भव हैं। शरीर स्वस्थ तभी होगा, जब व्यक्ति नियम, संयम और अनुशासन का पालन करेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक परिवारों ने खेलकूद को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ खेल के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं तथा उस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। अभिभावकों की इस प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर खेल सम्बन्धित इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ग्राम पंचायत व नगर निकाय में ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भारत सरकार के साथ विभिन्न राज्य सरकारें भी पुरस्कृत करती हैं। राज्य सरकार द्वारा अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं-ओलम्पिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्वकप, एशियन गेम्स एवं सैफ गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु पुरस्कृत करने की व्यवस्था है। ओलम्पिक गेम्स (एकल वर्ग) में स्वर्ण पदक पर 06 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 04 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 02 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 01 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 1.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। विश्वकप में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। सैफ गेम्स (एकल वर्ग) स्वर्ण पदक पर 06 लाख रुपये, रजत पदक पर 04 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफ गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 02 लाख रुपये, रजत पदक पर 01 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रतिभाग किए जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप 10-10 लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स एवं विश्वकप में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 05-05 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किये जाने की व्यवस्था है।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में अब तक ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को डिप्टी एस0पी0, नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आदि पदों पर नियुक्त किया गया है। आने वाले समय में जो युवा इन प्रतियोगिताओं में मेडल प्राप्त करेंगे, उन्हें भी इस कार्यवाही के साथ जोड़ा जाएगा। प्रदेश में गाँवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 96,000 युवक एवं महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध करायी गई है। किसी भी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मेडल जीत कर लाने वाली टीम के साथ प्रधानमंत्री स्वयं इण्टरेक्शन करते हैं। जब कोई भारतीय टीम प्रतिभाग करने जाती है, तो उसे प्रधानमंत्री जी के माध्यम से हर प्रकार का प्रोत्साहन प्राप्त होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अहमदाबाद शहर में वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए प्रत्येक राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों आदि की टीमों को स्वयं को अभी से तैयार करना होगा। जो आज से खेल में आगे बढ़ेगा, वह वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करेगा और मेडल जीतेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह प्रयास चल रहा है कि वर्ष 2036 का ओलम्पिक भारत में आयोजित हो और उसमें देश अधिकाधिक मेडल प्राप्त करे।मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विगत दिनों देश में आयोजित अनेक इण्टर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर मेडल प्राप्त किए हैं। सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कम से कम एक खेल को गोद लेकर अच्छे खिलाड़ियों को तराशने का काम करें। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं। स्वस्थ प्रतिस्पर्धाएं हमें जीवन के प्रति भी अनुशासित बनाएगी तथा खेल भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। यदि हमारा युवा खेलकूद की गतिविधियों में आगे बढ़ेगा तो नशे से दूर तथा विकृतियों से बचा रहेगा। तभी हम विकसित भारत/2047 के लक्ष्य की प्राप्ति कर पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ करते हुए मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना के अन्तर्गत मेरठ में निर्मित खेल सामग्रियों की देश व दुनिया में मांग बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली गोरखपुर, देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाला महानगर है। यह जनपद देश की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। यहां स्थित गीता प्रेस विगत 100 वर्षों से भारत के वैदिक साहित्य को वैश्विक मानचित्र पर प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन को नई ऊंचाई तक पहुंचाने वाले महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल तथा शहीद बंधू सिंह इस धरती से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। आजादी के आन्दोलन में विदेशी हुकूमत की चूलों को हिलाने वाली चौरीचौरा घटना का सम्बन्ध इसी जनपद से है। गोरखपुर हिन्दी साहित्य के महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली रही है। इस पावन धरा पर स्थित पं0 दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय प्रदेश की उच्चतम शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है।इस अवसर पर विधायक महेन्द्र पाल सिंह, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, राजेश त्रिपाठी, फतेह बहादुर सिंह, इं0 श्रवण कुमार निषाद, विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टण्डन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

 

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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