लखनऊ, 10 फरवरी। बजट सत्र में विधान परिषद में योगी सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश मे सरकारी सेवाओं में आरक्षण नीति के बारे विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि आरक्षण प्राविधानो को सुनिश्चित कराने के संकल्प को सरकार दोहराती है।
विशेष रूप से विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षण के
बारे मे जानकारी देते हुये कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27%,अनुसूचित जाति के लिए 21%, अनुसूचित जनजाति के लिए 2%, और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था है।डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि 40% अनारक्षित श्रेणी, विशेष रूप से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है। आरक्षित वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया मे भागीदार हो सकता है।सभी सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक विभाग द्वारा 30 दिसंबर, 2025 को शासनादेश भी जारी किया
श्री मौर्य द्वारा 7994 लेखपाल पदों का विस्तृत विवरण देते हुये बताया कि 3205 अनारक्षित, 1679 अनुसूचित जाति के लिए, 160 अनुसूचित जनजाति के लिए, 2158 अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, और 792 आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिये करते हुये विज्ञापन की त्रुटि का सुधार कराया गया। कहा कि आरक्षण हर हाल मे पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जायेगा। सरकार भर्ती माफिया पर नकेल कसने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं को व आरक्षण व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।।
Author: Chautha Prahari
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