लखनऊ, 21 मार्च। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘अरण्य समागम’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बहादुरी का परिचय देने वाले बच्चों, वन विभाग के कर्मचारियों तथा वानिकी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीरता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करने वाले बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ये बच्चे समाज के लिए प्रेरणा हैं और इनके साहस से अन्य लोगों को भी सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और सूझ-बूझ से काम लेना ही सच्ची वीरता है।
वीरता के प्रतीक बने बच्चे
मुख्यमंत्री ने बहराइच के 10 वर्षीय अच्छेलाल और प्रयागराज की 18 वर्षीय तनु सिंह को सम्मानित किया। अच्छेलाल ने 6 दिसंबर 2025 को गन्ने के खेत के पास तेंदुए के हमले का बहादुरी से सामना करते हुए खुद को सुरक्षित बचाया। वहीं तनु सिंह ने 8 जनवरी 2026 को अपने घर में घुसे तेंदुए के दौरान अद्भुत साहस दिखाते हुए दो छोटे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया, जिससे बिना किसी जनहानि के उसे रेस्क्यू किया जा सका।
वन विभाग के कर्मियों को भी मिला सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वानिकी और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। मुरादाबाद, हमीरपुर, रामपुर और एटा वन प्रभाग के कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की गई।
सामाजिक संगठनों की भूमिका को सराहा
वन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता में योगदान देने वाले सामाजिक संगठनों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में समाज की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे संगठनों का योगदान सराहनीय है।
किसानों को मिला कार्बन क्रेडिट का लाभ
कार्यक्रम के दौरान कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुशीनगर और रायबरेली के किसानों को चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदर्शनी का किया अवलोकन
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने वन विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान राज्य के वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन विस्तार और वन्यजीव सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। ‘अरण्य समागम’ जैसे आयोजन इस दिशा में जनजागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
Author: Chautha Prahari
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