लखनऊ, 22 मार्च। राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित कुर्सी रोड महायोजना 2031 को लेकर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और संस्थानों के बीच चिंता का माहौल गहराता जा रहा है। इस योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव ने हजारों लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में आवासीय, व्यावसायिक और धार्मिक स्थल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर सोमवार 23 मार्च को सुबह 11 बजे बसहा, कुर्सी रोड स्थित आराधना इन होटल में प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।

इस बीच, अखण्ड आर्यावर्त त्रिदंडी महासभा ने भी इस योजना पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर इस योजना पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित महायोजना के लागू होने से दर्जनों धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान और हजारों आवास प्रभावित हो सकते हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होती है तो इससे न केवल लोगों के घर उजड़ेंगे, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका पर भी सीधा असर पड़ेगा। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण से छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
महासभा ने सुझाव दिया है कि कुर्सी रोड के चौड़ीकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) के मानकों के अनुरूप सीमित दायरे में किया जाए। ऋषि त्रिवेदी का कहना है कि यदि सड़क को लगभग 60 फीट तक चौड़ा किया जाता है, तो इससे ट्रैफिक समस्या का समाधान भी हो सकेगा और प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या भी कम रहेगी।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान महायोजना में टेढ़ी पुलिया चौराहे से कुर्सी रोड को विभिन्न स्थानों पर 45 मीटर, 60 मीटर, 100 मीटर और 150 मीटर तक चौड़ा करने का प्रस्ताव है। यही कारण है कि इस योजना को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते 16 मार्च को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
अब सभी की नजरें 23 मार्च को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां से इस मुद्दे पर आगे की दिशा तय हो सकती है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार इस योजना में आवश्यक संशोधन करेगी, ताकि विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाया जा सके।
Author: Chautha Prahari
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