राजस्व संहिता में बड़ा बदलाव: नक्शा पास होते ही माना जाएगा लैंड यूज परिवर्तन
लखनऊ, 23 मार्च।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा और आमजन को राहत देने वाला फैसला लिया है। राज्य सरकार ने उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद जमीन के उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत अब विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन आने वाले क्षेत्रों में अलग से लैंड यूज परिवर्तन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा संबंधित प्राधिकरण द्वारा पास हो जाता है, तो उसे स्वतः ही भूमि उपयोग परिवर्तन माना जाएगा।
पहले इस प्रक्रिया में लोगों को दो चरणों से गुजरना पड़ता था—पहले लैंड यूज परिवर्तन की अनुमति और उसके बाद नक्शा पास कराना। इस दोहरी प्रक्रिया में समय के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। कई बार फाइलें लंबित रहने से लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे निवेश और निर्माण कार्य प्रभावित होते थे।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि अब नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में ही सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी, साथ ही भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर भी अंकुश लगेगा।
सरकार के इस निर्णय से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर वे लोग जो अपने भूखंड पर मकान या व्यावसायिक निर्माण कराना चाहते हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। वहीं निवेशकों के लिए भी यह फैसला फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुधार से उत्तर प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूती मिलेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। उद्योग स्थापना में तेजी आएगी और राज्य में निवेश का माहौल और बेहतर होगा।
Author: Chautha Prahari
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