अयोध्या, 31 मार्च। जिले के कैंट क्षेत्र में मंगलवार को गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराती हुई नजर आई, जब ईगल गैस एजेंसी पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस अव्यवस्था ने आम जनता के गुस्से को खुलकर सामने ला दिया।
स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी सेवा बंद कर दी गई है, जिसके कारण लोगों को मजबूरी में खुद एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है। प्रशासन भले ही गैस आपूर्ति को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जहां एक तरफ उपभोक्ता धूप में लाइन लगाकर खड़े थे, वहीं दूसरी तरफ एजेंसी का गेट बंद कर कर्मचारी अंदर आराम करते नजर आए। इस लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया।
उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस वितरण में भारी अनियमितता हो रही है। उनका कहना है कि कुछ खास लोगों और वीआईपी उपभोक्ताओं को बिना लाइन के गैस दी जा रही है, जबकि आम जनता को घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल रही। इसके अलावा, कई लोगों ने आरोप लगाया कि कालाबाजारी के जरिए गैस सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया कि बिना सिलेंडर दिए ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है। इससे यह आशंका और मजबूत हो जाती है कि कहीं न कहीं सिस्टम में गड़बड़ी है और उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

लाइन में लगे कई उपभोक्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे सुबह से खड़े हैं, लेकिन उन्हें गैस नहीं मिल रही। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कागजों में व्यवस्था सुचारू दिखाई जा रही है, तो जमीनी स्तर पर इतनी बड़ी अव्यवस्था कैसे हो रही है? यह सवाल अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गैस वितरण व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है और क्या आम जनता को इस समस्या से जल्द राहत मिल पाएगी या नहीं।
Author: Chautha Prahari
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