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पेट्रोल-डीजल व एलपीजी पर सख्त निगरानी, 17 हजार से ज्यादा छापेमारी

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 यूपी में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रशासन की छापेमारी

कालाबाजारी पर सरकार का शिकंजा, 222 से अधिक मामलों में कार्रवाई; प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

लखनऊ, 31 मार्च।प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर निगरानी अभियान तेज कर दिया है। कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर लगाम कसने के उद्देश्य से 12 मार्च से अब तक 17,581 छापेमारी और निरीक्षण किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई में कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एलपीजी वितरकों के खिलाफ अब तक 33 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं अन्य मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा प्रदेश भर में 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी की गई है। यह अभियान दर्शाता है कि सरकार किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

गैस डीजल पेट्रोल को लेकर सीएम योगी के सख्त निर्देश
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ फोटो

मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार फील्ड में उतरकर पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों और भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को समय पर और उचित मूल्य पर ईंधन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। वर्तमान में राज्य में लगभग 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां नियमित रूप से ईंधन की उपलब्धता बनी हुई है। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई है, जो सामान्य मांग को दर्शाता है।
स्टॉक की स्थिति पर नजर डालें तो प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि एक किलोलीटर में 1000 लीटर ईंधन होता है। इस लिहाज से राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें।
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है। प्रदेश में 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू और वाणिज्यिक दोनों तरह के सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
इसके साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम भविष्य में ईंधन की वैकल्पिक और सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से भी सहयोग मिल रहा है। 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आम जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है, जबकि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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