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अयोध्या में स्मार्ट मीटर पर बवाल: कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

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अयोध्या में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस नेताओं द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए

अयोध्या, 2 अप्रैल। जनपद अयोध्या में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने, पोस्टपेड कनेक्शन को बिना सहमति प्रीपेड में परिवर्तित करने और बिना पूर्व सूचना के बिजली कनेक्शन काटने जैसे मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की।

अयोध्या में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस नेताओं द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए
जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में ज्ञापन सौपते कांग्रेसी

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रहा है, जो उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही, पोस्टपेड बिजली कनेक्शन को जबरन प्रीपेड में बदलने की प्रक्रिया ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में मात्र 50 पैसे का बैलेंस कम होने पर भी उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जा रहा है। इससे परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने इसे विद्युत विभाग की “तानाशाही नीति” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।
महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने तकनीकी खामियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अधिकांश उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर विभाग में सही तरीके से अपडेट नहीं हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिजली कटौती या बैलेंस संबंधी कोई पूर्व सूचना नहीं मिल पाती। उन्होंने मांग की कि सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट करने के बाद ही इस नई व्यवस्था को लागू किया जाए, ताकि लोगों को समय रहते जानकारी मिल सके।
पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह और पीसीसी सदस्य राम अवध पासी ने भी इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान प्रणाली जैसे UPI आदि की पर्याप्त जानकारी नहीं है, जिससे उन्हें बिल जमा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि कम से कम ₹1000 तक का नेगेटिव बैलेंस होने के बाद ही कनेक्शन काटा जाए और इससे पहले 15 दिन का लिखित नोटिस देना अनिवार्य किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि विद्युत विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है और कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर जनता के साथ खड़ी है।
जिला प्रवक्ता शीतला पाठक के अनुसार ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, पूर्व पार्षद जनार्दन मिश्रा, फ्लावर नकवी, बसंत मिश्रा, डॉ. विनोद गुप्ता, उमेश उपाध्याय, राम अवध पासी, जिओ हैदर, विवेक प्रताप शर्मा, कल्लू शर्मा, मोहम्मद आरिफ, अशोक कुमार राय और देव कुमार वर्मा शामिल थे।
यह मामला अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विद्युत विभाग इस विरोध के बाद क्या कदम उठाता है और क्या उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

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