लखनऊ, 04 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “विकसित यूपी@2047” विजन के तहत शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के शहरों को आधुनिक, डिजिटल, सुगम और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और सुविधाजनक शहरी जीवन मिल सके।

इस रोडमैप का मुख्य फोकस शहरी जीवन को आसान बनाना, बुनियादी नागरिक सेवाओं को मजबूत करना और सतत विकास के जरिए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करना है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के शहर न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनें।
क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों का विकास
राज्य सरकार राजधानी लखनऊ को राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के रूप में विकसित करने के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। ये केंद्र औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के प्रमुख हब बनेंगे, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जोर
शहरी परिवहन को सुदृढ़ बनाने के लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें मेट्रो, रैपिड रेल, इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली शामिल होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में कमी आएगी।
इसके साथ ही “लिवेबल सिटीज मिशन” के तहत ‘15 मिनट सिटी’ मॉडल लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाएं उनके घर से 15 मिनट की दूरी पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
डिजिटल और पारदर्शी शहरी प्रशासन
शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए जीआईएस आधारित संपत्ति मानचित्रण और कर प्रणाली लागू की जाएगी। इससे कर संग्रह अधिक पारदर्शी और सटीक होगा। इसके अलावा, एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से शहरों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में 100 प्रतिशत डिजिटल सेवाएं लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाएं तेज और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी।
पर्यावरण संरक्षण और ‘स्पंज सिटी’ पहल
पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए “स्पंज सिटी” पहल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत वर्षा जल संचयन, जल निकासी तंत्र का संरक्षण और तालाबों-झीलों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इसका उद्देश्य भूजल स्तर को सुधारना और शहरी बाढ़ की समस्या को कम करना है।
इसके साथ ही अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर ‘जीरो लैंडफिल’ शहरों का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है, जिससे स्वच्छ और हरित शहरी वातावरण तैयार किया जा सके।
समावेशी और योजनाबद्ध विकास
सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए आवास योजनाओं को भी तेजी से लागू करेगी। मिश्रित भूमि उपयोग और योजनाबद्ध शहरीकरण के जरिए सभी वर्गों के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित किया जाएगा।
निष्कर्ष:
“विकसित यूपी@2047” विजन के तहत तैयार यह रोडमैप उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। आधुनिक तकनीक, बेहतर परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के जरिए प्रदेश के शहरों को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
Author: Chautha Prahari
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