लखनऊ, 6 अप्रैल। यदि मजबूत इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं इसी बदलाव का माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल अमेठी जिले के गौरीगंज की रहने वाली पूनम ने पेश की है, जिन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ उठाकर न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत की। इसी तरह से कई महिलाओं ने अपनी स्थिति को बदलने में कामयाब रही है। इस कड़ी में एक नाम पूनम का भी शामिल हो गया है।
पूनम की कहानी यह साबित करती है कि यदि सही समय पर सही अवसर मिल जाए और व्यक्ति उसमें मेहनत और समर्पण जोड़ दे, तो सफलता निश्चित है। शुरुआत में पूनम को इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन एक मित्र के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए अगस्त 2025 में आवेदन कर दिया।
उनकी मेहनत रंग लाई और दिसंबर 2025 में उन्हें ₹2.55 लाख की पहली वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसके बाद ₹1.70 लाख की अतिरिक्त राशि उन्हें इंडियन बैंक के माध्यम से मिली। बाकी पूंजी की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की। यह उनके आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद हार नहीं मानी।

इस आर्थिक सहयोग के बल पर पूनम ने गौरीगंज में “मुन्ना कैलाश ज्वेलर्स” के नाम से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान शुरू की। शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। व्यवसाय को स्थापित करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने धैर्य और मेहनत के साथ अपने काम को आगे बढ़ाया।
धीरे-धीरे उनकी दुकान ने स्थानीय स्तर पर पहचान बनानी शुरू कर दी। ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और बिक्री में लगातार वृद्धि होने लगी। आज यह दुकान उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बन चुकी है। पूनम की सफलता में उनके पति का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। दोनों मिलकर अब अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं और आय में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं।
पूनम की यह सफलता न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता का उदाहरण है, बल्कि यह पारिवारिक सहयोग और विश्वास की भी मिसाल है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि अगर परिवार का साथ मिले, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने पूनम को सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। आज पूनम अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वे यह संदेश दे रही हैं कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। पूनम जैसी कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। इसी तरह से आने वाले दिनों में और भी लोगों का नाम जुड़ सकता है।
Author: Chautha Prahari
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