गोरखपुर, 6 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में पत्रकारिता के मूल्यों, समन्वय और जन-विश्वास पर विशेष जोर दिया।
सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता कई स्वरूपों—प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया—में विभाजित हो चुकी है। ऐसे में इन सभी माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यकता पर जोर दिया।
सीएम योगी ने कहा कि यदि एक ही तथ्य को अलग-अलग माध्यमों में भिन्न दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे आम जनमानस में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, जो मीडिया के प्रति विश्वास को कमजोर कर सकती है। इसलिए सभी मीडिया प्लेटफॉर्म को समान मानकों और आदर्शों का पालन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। भारत में पत्रकारिता का मूल उद्देश्य हमेशा राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में कुछ तत्व ऐसे भी हैं जो भ्रामक सूचनाओं के जरिए अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं, और मीडिया को ऐसे तत्वों से सावधान रहना चाहिए।
आलोचना को व्यक्तिगत न मानें
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र में संवाद की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश के रूप में नहीं लेना चाहिए। स्वस्थ आलोचना से ही समाज और व्यवस्था में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होती है और यह जिस दृष्टिकोण से मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज भी उसी दृष्टि से उन्हें समझता है।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 30 मई 1826 को Jugal Kishore Shukla द्वारा Udant Martand का प्रकाशन शुरू किया गया था। यह भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है और यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।
जन-विश्वास का आधार है सत्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पत्रकारिता आम जनता के स्वर को उठाते हुए सही तथ्यों को प्रस्तुत करती है, तब मजबूत जन-विश्वास का निर्माण होता है। ऐसी पत्रकारिता को कोई भी शक्ति डिगा नहीं सकती।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की भूमिका का उल्लेख करते हुए Mahatma Gandhi, Bal Gangadhar Tilak, Ganesh Shankar Vidyarthi और Atal Bihari Vajpayee का उदाहरण दिया, जिन्होंने पत्रकारिता को जनजागरण का माध्यम बनाया।
जीरो टॉलरेंस और पत्रकार हित योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। साथ ही पत्रकारों के लिए आवासीय योजनाएं और कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
गोरखपुर की बढ़ती भूमिका
उन्होंने कहा कि आज लगभग तीन करोड़ की आबादी शिक्षा, व्यापार और रोजगार के लिए Gorakhpur पर निर्भर है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल के लोग भी गोरखपुर से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यहां की पत्रकारिता की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
कार्यक्रम की मुख्य झलक
समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने पदभार ग्रहण किया।
इस अवसर पर सांसद Ravi Kishan, भाजपा नेता डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी समेत कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
Author: Chautha Prahari
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