लखनऊ,15मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा विभागों के बंटवारे को लेकर हो रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद अब विभागों के आवंटन पर अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि आज कभी भी नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा नेता Nitin Nabin से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही राजनीतिक हलकों में विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि सिर्फ नए मंत्रियों को ही जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, बल्कि कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। इसी वजह से कई मंत्री इन दिनों दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। पार्टी और सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही है।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि संगठन स्तर पर भी जल्द कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भाजपा आगामी चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में विभागों का बंटवारा सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका सीधा राजनीतिक संदेश भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दे सकती है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है, उन्हें उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव के हिसाब से जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

वहीं कुछ पुराने मंत्री अपने पसंदीदा विभाग बचाने या बड़े विभाग हासिल करने के लिए भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई स्तर पर बातचीत और समन्वय का दौर जारी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार किन नेताओं को अहम विभाग देती है और किन पुराने चेहरों की जिम्मेदारियों में बदलाव होता है। विभागों के बंटवारे के बाद ही यह साफ होगा कि आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताएं क्या रहने वाली हैं।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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