15 Best News Portal Development Company In India

बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट,खेत से खुशहाली तक पहुंचे यूपी के किसान

SHARE:

लखनऊ, 15 जनवरी। प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर यकीन किया तो 2017 से पहले के खाद्यान्न संकट, कालाबाजारी व अराजकता से मुक्ति मिली और किसान पौने नौ वर्ष में ही समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो गए। योगी मॉडल का ही असर है कि देश की कुल कृषि भूमि का महज 10 फीसदी हिस्सा रखने वाले उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में योगदान 21 फीसदी हो चुका है। 2017 से पहले कृषि क्षेत्र में विकास दर सिंगल डिजिट पर टिकी थी, लेकिन योगी सरकार में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में यह विकास दर पिछले तीन सालों में 14 फीसदी से अधिक रही।यूपी के किसान ‘खेत से खुशहाली’ तक पहुंचे हैं। डबल इंजन सरकार की नीतियों से उत्तर प्रदेश की खेती उत्पादकता के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।

कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की सोच और नीतियों ने उस तस्वीर को बदला, जिसमें किसान खुद को हाशिये पर महसूस करता था। 2017 में सत्ता संभालते ही योगी सरकार द्वारा सबसे पहले किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की बात हो या पहली बार वैज्ञानिकों द्वारा ‘लैब से निकल कर लैंड’ तक पहुंच कर विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद साधने की, योगी युग में खेती सिर्फ जीविका का साधन नहीं, बल्कि विकास की धुरी बन गई है।

वोटबैंक नहीं, अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना किसान
खेती-किसानी को प्राथमिकता और पारदर्शी व्यवस्था के कारण पौने नौ वर्ष में यूपी की तस्वीर बदली। कृषि व्यवस्था सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि ज़मीनी बदलाव का माध्यम बनी। कभी कर्ज़, सिंचाई और भुगतान की परेशानियों से जूझने वाला किसान सरकार की प्राथमिकता के केंद्र में आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस सोच के साथ कृषि क्षेत्र में अनेक सुधार शुरू हुए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शिता से फसल खरीद होने लगी। भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध किया गया। किसान को उपज का उचित मूल्य मिलने लगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया। नहरों के पुनर्जीवन, नलकूपों की संख्या में वृद्धि और मुफ्त/रियायती सिंचाई योजनाओं ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई। सूखे और जल संकट वाले इलाकों में भी खेती सांस लेने लगी।

किसानों के सम्मान पर केंद्रित नीतियां
2017 के पहले जिस उत्तर प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था, वहां 2017 के बाद किसानों का सम्मान होने लगा। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक क्लिक पर किसानों को सम्मान निधि मिलने लगी, जिसमें यूपी अग्रणी भूमिका में रहा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की जारी 21वीं किस्त तक उत्तर प्रदेश के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। दो करोड़ से अधिक किसानों को किसान पाठशाला के जरिए नवीन तकनीक व उन्नत खेती से जोड़ा गया। 16 लाख निजी ट्यूबवेल से जुड़े किसानों का ऋण माफ किया गया।
सहकारिता के माध्यम से संचालित एलडीबी द्वारा किसानों को साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन मिलता था, अब यह छह फीसदी पर मिलेगा। लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब के लिए 31 एकड़ भूमि तथा पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित की गई।

गन्ने ने भरी ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा
योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा। 2017 के पहले तक किसानों का असंतोष अब विश्वास में बदला है। 2017 से अब तक 2.96 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया।

विश्वास, स्थिरता और भविष्य की उम्मीद
सरकार ने सिर्फ परंपरागत खेती पर ही नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार पर भी जोर दिया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कृषि यंत्रीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसान को आधुनिक खेती से जोड़ा गया। बीज से लेकर बाजार तक की यात्रा को आसान बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। योगी सरकार ने अपनी नीतियों से संदेश दिया कि खेती घाटे का सौदा नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका का सबसे बड़ा माध्यम है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन, खरीद और किसान कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में अब अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी में खेती विश्वास, स्थिरता और भविष्य की उम्मीद की कहानी बनकर उभरी है। यहां किसान खुद को अकेला नहीं महसूस करता, क्योंकि वह जानता है कि सरकार पग-पग पर साथ खड़ी है।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854