15 Best News Portal Development Company In India

महिला निदेशकों की अगुवाई में यूपी का स्टार्टअप बूम, 174 से बढ़कर 2525 पहुंची संख्या

SHARE:

उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमियों द्वारा संचालित स्टार्टअप की बढ़ती संख्या"

लखनऊ, 19 मार्च। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है और इसमें महिलाओं की भागीदारी एक नई दिशा तय कर रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में महिला निदेशक या साझेदार वाले स्टार्टअप्स की संख्या में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि न केवल आर्थिक विकास का संकेत है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में केवल 174 ऐसे स्टार्टअप्स थे, जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार शामिल थी। यह संख्या लगातार बढ़ते हुए वर्ष 2025 में 2525 तक पहुंच गई।
इतना ही नहीं, 31 जनवरी 2026 तक 301 नए स्टार्टअप्स में भी महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है। ये सभी स्टार्टअप्स DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त हैं, जो यह दर्शाता है कि महिला उद्यमिता अब प्रदेश में तेजी से मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे राज्य सरकार की नीतियों का बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
सरकार की इन पहलों का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को मिला है। अब बड़ी संख्या में महिलाएं स्टार्टअप्स में निदेशक और साझेदार के रूप में आगे आ रही हैं। यह बदलाव न केवल सामाजिक सोच में परिवर्तन को दर्शाता है, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करता है।
केंद्र सरकार की ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल ने भी इस विकास को गति दी है। इसके तहत फंड ऑफ फंड्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और क्रेडिट गारंटी स्कीम जैसी योजनाओं के जरिए स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को इन योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है, जिससे नए स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। यही कारण है कि प्रदेश अब राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते हुए स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
महिला भागीदारी में लगातार हो रही वृद्धि यह स्पष्ट संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश में उद्यमिता का दायरा व्यापक हो रहा है। महिलाएं न केवल नए व्यवसाय शुरू कर रही हैं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक संचालित भी कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो सकता है। साथ ही, यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम का यह विस्तार और उसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854