15 Best News Portal Development Company In India

पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला: एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, सस्ता हो सकता है ईंधन

SHARE:

नई दिल्ली। देश में महंगाई से जूझ रही जनता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है, यानी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इस बड़े फैसले से ट्रांसपोर्ट सेक्टर, किसानों और आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत में पेट्रोल पंप पर ईंधन भराते लोग
प्रतीकात्मक फोटो

विशेषज्ञों का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में इस तरह की कटौती का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम कीमतों में कमी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि तेल कंपनियां इस राहत को उपभोक्ताओं तक कितनी जल्दी और किस अनुपात में पहुंचाती हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ता है। ऐसे में एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके सरकार ने घरेलू स्तर पर राहत देने की कोशिश की है।
इसके साथ ही सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के लिए भी नया लेवी ढांचा पेश किया है। अब एटीएफ पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है। हालांकि इसमें आंशिक छूट का प्रावधान रखा गया है, जिसके चलते प्रभावी दर लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर के आसपास रह सकती है। इस बदलाव का असर विमानन कंपनियों के संचालन लागत पर पड़ सकता है, जिससे भविष्य में हवाई किराए में बदलाव संभव है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म करना एक बड़ा कदम है, क्योंकि डीजल का उपयोग परिवहन, कृषि और उद्योगों में व्यापक रूप से होता है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है, जिसका असर खाद्य वस्तुओं और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और सरकार राजस्व संतुलन के लिए भविष्य में फिर से कर ढांचे में बदलाव कर सकती है। फिर भी फिलहाल के लिए यह फैसला आम जनता के लिए राहत की खबर लेकर आया है।
कुल मिलाकर, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पेट्रोल पंप पर कीमतों में वास्तविक कमी कब और कितनी दिखाई देती है।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854