लखनऊ, 29 मार्च।उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली विनीता आज ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। कभी आजीविका के लिए संघर्ष करने वाली यह महिला अब दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सफलता की नई कहानी लिख चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का लाभ उठाकर उन्होंने न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि दो वर्षों में 67 लाख रुपये की आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ का दर्जा भी हासिल किया।

विनीता की कहानी उन लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। स्नातक तक शिक्षित विनीता एक 14 सदस्यीय संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनके पति अविनाश के साथ मिलकर वे 10-12 दुधारू पशुओं के जरिए डेयरी का काम करती थीं। हालांकि, उस समय वे निजी डेयरियों पर निर्भर थीं, जहां उन्हें समय पर भुगतान और उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ता था और परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था।
स्थिति तब बदली जब विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ने का निर्णय लिया। इस कदम ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया। कंपनी से जुड़ने के बाद उन्हें दूध का उचित मूल्य मिलने लगा, भुगतान समय पर होने लगा और साथ ही आधुनिक डेयरी प्रबंधन से जुड़ी ट्रेनिंग भी प्राप्त हुई। इस सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने की नई दिशा दी।
विनीता ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाते हुए अपने काम का विस्तार किया। उन्होंने पशुओं की संख्या बढ़ाकर 40 से अधिक कर दी और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की। उनकी मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम यह रहा कि उन्होंने महज दो वर्षों में 67 लाख रुपये की कमाई कर ली। आज वे ‘लखपति दीदियों’ में शामिल हैं और अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
विनीता न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करा रही हैं। उनका कहना है कि स्वयं सहायता समूह और काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ-साथ जीवन जीने का नया नजरिया भी मिला है।
गौरतलब है कि काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों में 46 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।
विनीता की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध हो जाए, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है।
सोनभद्र की विनीता की कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, सही अवसर और सरकारी सहयोग के साथ ग्रामीण महिलाएं भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं और समाज में बदलाव की अगुआ बन सकती हैं।
Author: Chautha Prahari
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