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यूपी एटीएस का बड़ा एक्शन: पाकिस्तान से संचालित आतंकी गिरोह का भंडाफोड़, लखनऊ में बड़ी साजिश नाकाम

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लखनऊ, 3 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तान से संचालित एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। एटीएस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़ा हमला टल गया।

UP ATS arrest terror suspects in Lucknow operation
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर एटीएस को पता चला था कि एक गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में है। ये लोग टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स के जरिए न सिर्फ संवाद कर रहे थे, बल्कि देश के महत्वपूर्ण संस्थानों और रेलवे संपत्तियों की रेकी कर संवेदनशील जानकारी भी साझा कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविल (25) मेरठ का निवासी है। उसके साथ अरबाब (20), विकास पहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। ये सभी आरोपी पैसों के लालच में देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गए थे और अलग-अलग शहरों में जाकर टारगेट लोकेशन की जानकारी जुटाते थे।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर्स इन आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से उकसाते थे और उन्हें “गजवा-ए-हिंद”, “कश्मीर मुजाहिद्दीन” जैसे कट्टरपंथी नैरेटिव के जरिए भड़काते थे। आरोपियों को गूगल लोकेशन के माध्यम से टारगेट भेजे जाते थे, जिनमें रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे वाहन और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों ने पहले भी कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे थे। इसके बदले उन्हें क्यूआर कोड के जरिए भुगतान किया जाता था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था।
एटीएस के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को इस गिरोह ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। लेकिन समय रहते एटीएस टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इस मामले में एटीएस थाना, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ सहित कई शहरों में रेकी कर चुके थे। इनका मकसद देश में भय और अस्थिरता फैलाना, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और आर्थिक गतिविधियों को बाधित करना था।
एटीएस की इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते इस साजिश को विफल कर न केवल एक संभावित बड़े हमले को रोका गया, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भी पर्दाफाश किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच में जुट गई हैं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को लेकर भी निगरानी और सख्त करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

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