लखनऊ(विनय प्रकाश सिंह)16 अप्रैल।उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में संचालित अटल आवासीय विद्यालय योजना ने अपनी पहली ही CBSE बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
साल 2026 में आयोजित कक्षा 10 की CBSE परीक्षा में इन विद्यालयों के छात्रों ने 93.15% का प्रभावशाली परिणाम दर्ज किया। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि राज्य सरकार की दूरदर्शी शिक्षा नीति और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था की सफलता का भी प्रमाण है।

इस परीक्षा में कुल 2,178 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश ने सफलता प्राप्त की। खास बात यह रही कि वाराणसी और प्रयागराज के अटल आवासीय विद्यालयों ने 100% रिजल्ट हासिल कर राज्य में नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह दिखाता है कि सही संसाधन और मार्गदर्शन मिलने पर छात्र किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।
टॉपर्स ने बढ़ाया मान
इस बार परीक्षा में कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी को गर्व महसूस कराया।
आजमगढ़ के संगम यादव ने 97.6% अंक के साथ पहला स्थान प्राप्त किया
वाराणसी के हर्ष कुशवाहा ने 97.2% अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया
प्रयागराज के हर्षित ने 95.8% अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया
इसके अलावा आगरा के गणेश (95.4%) और मुरादाबाद के उदय प्रताप (95%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर टॉप 5 में जगह बनाई।
90% से अधिक अंक पाने वालों की भरमार
इस परीक्षा में 50 से अधिक छात्रों ने 90% से ज्यादा अंक हासिल किए, जबकि लगभग 250 छात्रों ने 80% से 90% के बीच अंक प्राप्त किए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अटल आवासीय विद्यालय सिर्फ पास होने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्कृष्टता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या है अटल आवासीय विद्यालय योजना?
यह योजना विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। इसमें छात्रों को मुफ्त आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, खेल-कूद और स्किल डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
आधुनिक शिक्षा मॉडल बना गेम चेंजर
विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मॉक टेस्ट, पीयर लर्निंग और लगातार मूल्यांकन जैसी आधुनिक तकनीकों ने छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया।
सरकार और अधिकारियों का बयान
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह योजना गरीब और श्रमिक वर्ग के बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में बड़ा कदम है।
वहीं, प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि परीक्षा से पहले छात्रों की तैयारी को मजबूत करने के लिए नियमित समीक्षा और विशेष रणनीतियों का इस्तेमाल किया गया।
महानिदेशक पूजा यादव के अनुसार, विद्यालयों में अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ऐसा माहौल बनाया गया है, जिससे हर छात्र अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके।
भविष्य के लिए बड़ा संकेत
पहली ही बोर्ड परीक्षा में मिली यह सफलता इस बात का संकेत है कि अटल आवासीय विद्यालय आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में Centre of Excellence के रूप में उभर सकते हैं।
यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जहां गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की चुनौती बनी रहती है।
Author: Chautha Prahari
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